3 अगस्त 2026
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राजगीर में भीड़ की पिटाई से दो युवकों की मौत, पीएमसीएच में तोड़ा दम; पुलिस ने शुरू की जांच

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राजगीर में भीड़ की पिटाई से दो युवकों की मौत, पीएमसीएच में तोड़ा दम; पुलिस ने शुरू की जांच

सारांश

बिहार के राजगीर में चोरी के संदेह में भीड़ ने दो युवकों को बुरी तरह पीटा। इलाज के दौरान पीएमसीएच, पटना में दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर जांच शुरू की है।

मुख्य बातें

राजगीर, नालंदा में 15 जून को चोरी के संदेह में भीड़ ने दो युवकों की बुरी तरह पिटाई की।
मृतकों की पहचान पिंटू कुमार और श्रवण कुमार के रूप में हुई — दोनों गंजपर गाँव, दीपनगर थाना के निवासी।
दोनों को अनुमंडलीय अस्पताल, राजगीर से पीएमसीएच, पटना रेफर किया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित किया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी और आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के चोरी के संदेह में स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े गए दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई। पिंटू कुमार और श्रवण कुमार — दोनों दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गाँव के निवासी — को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 15 जून की सुबह राजगीर थाना को सूचना मिली कि झुनकिया बाबा के समीप दो व्यक्तियों को कथित तौर पर चोरी के संदेह में स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया है। थाने की गश्ती टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ दोनों युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले।

पुलिसकर्मियों ने दोनों घायलों को बिना देर किए अनुमंडलीय अस्पताल, राजगीर पहुँचाया। चिकित्सकों ने हालत अत्यंत गंभीर पाते हुए उन्हें पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया, जहाँ पहुँचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी पिंटू कुमार और श्रवण कुमार के रूप में हुई है। दोनों एक ही गाँव के रहने वाले बताए जाते हैं। घटना के बाद गंजपर गाँव में शोक का माहौल है।

पुलिस की जांच

पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों युवक किन परिस्थितियों में घायल हुए और भीड़ में शामिल लोग कौन थे। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

आम जनता पर असर

यह घटना बिहार में भीड़ द्वारा संदिग्धों के साथ की जाने वाली हिंसा की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आई है। गौरतलब है कि इस तरह की 'मॉब जस्टिस' की घटनाएँ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती हैं। अधिकारियों पर दबाव है कि दोषियों को शीघ्र चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

क्या होगा आगे

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी। जांच की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि मृतकों की मौत का कारण भीड़ की पिटाई साबित होती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है, बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता का भी प्रतीक है। सवाल यह है कि भीड़ ने पुलिस को सूचित करने की बजाय खुद 'सज़ा' देने का फैसला क्यों किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ही तय करेंगे कि आरोप कितने गंभीर धाराओं में दर्ज होते हैं — लेकिन जब तक दोषियों को त्वरित और कठोर सज़ा नहीं मिलती, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल होगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजगीर में दो युवकों की मौत कैसे हुई?
चोरी के संदेह में स्थानीय भीड़ ने दोनों युवकों की बुरी तरह पिटाई की, जिसके बाद उन्हें पीएमसीएच, पटना रेफर किया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार घटना 15 जून की सुबह राजगीर के झुनकिया बाबा के समीप हुई।
मृत युवकों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गाँव निवासी पिंटू कुमार और श्रवण कुमार के रूप में हुई है। दोनों एक ही गाँव के रहने वाले बताए जाते हैं।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
मौत के सटीक कारण कब स्पष्ट होंगे?
पुलिस सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके आधार पर आगे की कानूनी धाराएँ तय की जाएंगी।
क्या बिहार में इस तरह की भीड़ हिंसा की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
बिहार सहित देश के कई राज्यों में चोरी या अन्य संदेह के आधार पर भीड़ द्वारा पिटाई की घटनाएँ कथित तौर पर सामने आती रही हैं। ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था और 'मॉब जस्टिस' को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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