आरएफडीएल हुगली: साउथ क्लब ने जीते 2 खिताब, त्रिबेनी शिबपुर चैंपियन; दिल्ली में कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स का दोहरा जलवा
सारांश
मुख्य बातें
रिलायंस फाउंडेशन डेवलपमेंट लीग (आरएफडीएल) के तहत हुगली में आयोजित यूथ फुटबॉल टूर्नामेंट का रविवार, 1 नवंबर 2026 को समापन हुआ। प्रत्येक डिवीजन में 21-21 मैचों के इस टूर्नामेंट में साउथ क्लब ने अंडर-8 और अंडर-12 दोनों कैटेगरी में खिताब अपने नाम कर टूर्नामेंट का सबसे सफल क्लब बनने का गौरव हासिल किया। त्रिबेनी शिबपुर स्पोर्टिंग क्लब ने अंडर-10 वर्ग में शानदार प्रदर्शन से चैंपियनशिप ट्रॉफी उठाई।
हुगली लेग के नतीजे
अंडर-8 कैटेगरी में साउथ क्लब ने 54 अंकों (18 जीत, +66 गोल अंतर) के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। चिनसुराह जूनियर फुटबॉल कोचिंग कैंप 53 अंकों के साथ उपविजेता रहा।
अंडर-12 डिवीजन में भी साउथ क्लब ने 46 अंकों (14 जीत, +56 गोल अंतर) के साथ दूसरा खिताब अपनी झोली में डाला। बनिचक्र क्लब 43 अंकों के साथ रनर्स-अप रहा।
अंडर-10 वर्ग में त्रिबेनी शिबपुर स्पोर्टिंग क्लब ने 49 अंक (15 जीत, 4 ड्रॉ, 2 हार) और +46 गोल अंतर के दमदार प्रदर्शन के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाया। साउथ क्लब 41 अंकों के साथ उपविजेता और बनिचक्र क्लब 37 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
दिल्ली लेग: कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स का दबदबा
इससे एक दिन पहले शनिवार को आरएफवाईएस 2026-27 सीजन के तहत दिल्ली सेंटर में हुए टूर्नामेंट के अंतिम दिन कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स ने तीन में से दो आयु वर्गों में खिताब जीतकर सर्वश्रेष्ठ क्लब का खिताब अपने नाम किया।
अंडर-8 फाइनल में कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स ने आरएंडआर फुटबॉल क्लब को 3-1 से मात दी। अंडर-10 फाइनल में उन्होंने खेल खेल में फाउंडेशन को एकतरफा 4-0 से हराया। अंडर-12 फाइनल में रोमांचक मुकाबले के बाद इंडिया यूनाइटेड फुटबॉल एकेडमी ने भगत सिंह फुटबॉल एकेडमी को 3-1 से पराजित कर खिताब जीता।
रिलायंस फाउंडेशन का ग्रासरूट ढाँचा
यह टूर्नामेंट रिलायंस फाउंडेशन के व्यापक ग्रासरूट फुटबॉल कार्यक्रम का हिस्सा है। इस सीजन में पूरे देश में 54 आरएफडीएल टीमें और 500 से अधिक आरएफवाईएस टीमें हिस्सा ले रही हैं, और कुल 5,500 से ज़्यादा मैच खेले जाएंगे।
इस लीग संरचना में खिलाड़ी अंडर-8 और अंडर-12 स्तर से शुरुआत कर अंडर-14, अंडर-18 और अंडर-21 डेवलपमेंट लीग तक बढ़ते हैं, जो सीनियर राष्ट्रीय टीम और क्लब फुटबॉल तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है। गौरतलब है कि ऐसी संगठित ग्रासरूट प्रणाली भारत के फुटबॉल पारितंत्र को नई नींव देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
आगे की राह
हुगली और दिल्ली लेग के नतीजों के साथ, रिलायंस फाउंडेशन की यूथ स्पोर्ट्स लीग का सीजन अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ेगा। इन टूर्नामेंटों से उभरे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर फुटबॉल प्रशिक्षकों और क्लबों की नज़रें बनी रहेंगी।