गम्हरिया थाने में दुष्कर्म: भाजपा का झारखंड भर में प्रदर्शन, CM हेमंत सोरेन का पुतला दहन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 नवंबर 2026 को सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के विरोध में झारखंड के कई जिलों में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने रांची सहित अनेक स्थानों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा ने इस मामले को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए पीड़िता को न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
सरायकेला-खरसावां जिला भाजपा ने गम्हरिया थाने का घेराव किया। इस प्रदर्शन में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा, प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह और मेयर संजय सरदार सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पीड़िता को त्वरित न्याय और आरोपी पुलिसकर्मी को कठोर सजा दिलाने की माँग की।
इधर, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा और पलामू सहित राज्य के अन्य इलाकों में भी भाजपा के विभिन्न मंडलों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया। पलामू में कार्यकर्ताओं ने चौका मोड़ पर पुतला जलाकर सरकार के विरुद्ध नारे लगाए।
भाजपा नेताओं की माँगें
पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि सुरक्षा की गुहार लेकर थाने पहुँची महिला के साथ वहीं तैनात पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुष्कर्म किए जाने का आरोप अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा, 'वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।'
भाजपा नेताओं ने थानों में महिलाओं की शिकायतों के संवेदनशील निस्तारण और उनकी सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की माँग भी उठाई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि पीड़िता को न्याय मिलने तक वह इस मुद्दे पर आवाज़ उठाती रहेगी।
पुलिस कार्रवाई का ब्यौरा
गम्हरिया थाना परिसर में हुई इस घटना में पुलिस अब तक 15 कर्मियों को निलंबित कर चुकी है। दुष्कर्म के आरोपी वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जाँच अभी भी जारी है।
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में महिला सुरक्षा पहले से ही राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है। थाने के भीतर ही इस तरह की घटना का आरोप कानून-व्यवस्था के प्रति गहरी चिंता उत्पन्न करता है।
आम जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन थाने में ही ऐसी घटना का सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जाँच, पीड़िता को न्याय और दोषियों को सजा सुनिश्चित करने की माँग की।
क्या होगा आगे
भाजपा ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। मामले की जाँच जारी है और आरोपी पुलिसकर्मियों पर न्यायिक कार्यवाही की दिशा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।