6 अक्टूबर 2026
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झारखंड भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल का हेमंत सरकार पर हमला — भ्रष्टाचार, घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सवाल

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झारखंड भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल का हेमंत सरकार पर हमला — भ्रष्टाचार, घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सवाल

सारांश

झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने रांची में पहली ही प्रेस वार्ता में हेमंत सोरेन सरकार को भ्रष्टाचार, खनिज अनियमितता, कथित घुसपैठ और परीक्षा गड़बड़ी पर घेरा — राज्य में भाजपा के आक्रामक विपक्षी अभियान का संकेत।

मुख्य बातें

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल ने 6 अक्टूबर 2026 को रांची में झारखंड प्रभारी के रूप में पहली प्रेस वार्ता की।
उन्होंने 2019 से सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन पर विकास विफलता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
डीएमएफटी राशि, बालू, कोयला और खनिज संसाधनों में अनियमितता का विशेष उल्लेख किया।
JPSC, JSSC समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और युवाओं के हितों की अनदेखी पर सरकार को घेरा।
कथित घुसपैठ और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भाजपा का समर्थन दोहराया।
7 अक्टूबर को PM मोदी के 25 वर्षीय सेवाकाल पर पार्टी कार्यक्रम की जानकारी दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री और झारखंड के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अपनी पहली प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, रोजगार, छात्र आंदोलन और कथित घुसपैठ समेत कई मोर्चों पर सरकार को घेरा। पटेल ने कहा कि दो दिवसीय झारखंड प्रवास के दौरान विभिन्न जिलों में लोगों से बातचीत के बाद उन्हें राज्य की स्थिति 'चिंताजनक' लगी।

सरकार पर विकास विफलता का आरोप

पटेल ने आरोप लगाया कि 2019 से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की गठबंधन सरकार सत्ता में है, लेकिन जनता को विकास के नाम पर निराशा ही मिली है। उनके अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में सरकार अपेक्षित काम नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग, महिलाएँ, किसान और युवा — सभी तबके सरकार के कामकाज से परेशान हैं।

खनिज भ्रष्टाचार और डीएमएफटी पर निशाना

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में बालू, कोयला, पत्थर और अन्य खनिज संसाधनों के साथ-साथ जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की राशि में भी अनियमितताएँ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को लेकर 'सड़क से सदन तक' सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब खनिज समृद्ध झारखंड में राजस्व रिसाव पहले से ही विवाद का विषय रहा है।

छात्र आंदोलन और परीक्षा अनियमितताएँ

पटेल ने राज्य में हालिया छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, उत्पाद सिपाही भर्ती और स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षाओं का विशेष उल्लेख किया। गौरतलब है कि इन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य में छात्र विरोध-प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं।

घुसपैठ और मतदाता सूची पर रुख

पटेल ने राज्य में कथित घुसपैठ को लेकर भी सरकार पर सवाल दागे। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा वास्तविक मतदाताओं को सूची में जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया के पक्ष में है। राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि हत्या, लूट, अपहरण और गोलीबारी जैसी घटनाओं से 'लोगों में भय का माहौल' है।

पार्टी की आगामी रणनीति

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। पटेल ने 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले पार्टी कार्यक्रमों की जानकारी दी और कार्यकर्ताओं से इन्हें सफल बनाने की अपील की। भाजपा ने संकेत दिया है कि वह संगठन को मजबूत करने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से जन-आंदोलन जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कथित घुसपैठ और परीक्षा अनियमितताएँ — ये तीनों मुद्दे पहले से राज्य में गूँजते रहे हैं, लेकिन अब इन्हें एक केंद्रीय आख्यान में पिरोया जा रहा है। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा इन आरोपों के पक्ष में ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सामने रख पाएगी, या यह केवल चुनावी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भाजपा का जोर यह भी बताता है कि पार्टी संगठनात्मक मोर्चे पर अगले चुनाव की तैयारी पहले से शुरू कर रही है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजेंद्र सिंह पटेल कौन हैं और झारखंड में उनकी क्या भूमिका है?
गजेंद्र सिंह पटेल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हैं, जिन्हें हाल ही में झारखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने रांची में पहली प्रेस वार्ता कर हेमंत सोरेन सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला।
भाजपा ने हेमंत सरकार पर कौन-से मुख्य आरोप लगाए हैं?
भाजपा प्रभारी पटेल ने खनिज संसाधनों और डीएमएफटी राशि में भ्रष्टाचार, कथित घुसपैठ, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा में चूक के आरोप लगाए। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में विफलता का भी जिक्र किया।
झारखंड में किन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं?
पटेल ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, उत्पाद सिपाही भर्ती और स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। इन परीक्षाओं को लेकर राज्य में पहले भी छात्र आंदोलन हो चुके हैं।
डीएमएफटी क्या है और भाजपा इस पर क्यों सवाल उठा रही है?
जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) एक फंड है जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए गठित होता है। भाजपा का आरोप है कि झारखंड में इस राशि के उपयोग में अनियमितताएँ हो रही हैं, जो खनिज समृद्ध राज्य में राजस्व रिसाव का संकेत है।
भाजपा की झारखंड में आगे की रणनीति क्या होगी?
पटेल ने संकेत दिया कि भाजपा संगठन को मजबूत करेगी, जन-आंदोलन जारी रखेगी और सरकार को 'सड़क से सदन तक' घेरने की कोशिश करेगी। पार्टी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का समर्थन कर यह भी स्पष्ट किया कि वह चुनावी तैयारी में भी सक्रिय है।
राष्ट्र प्रेस
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