झारखंड में अवैध बालू खनन: भाजपा ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

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झारखंड में अवैध बालू खनन: भाजपा ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

झारखंड में अवैध बालू खनन के खिलाफ भाजपा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी के प्रवक्ता अमित मंडल ने प्रशासनिक विफलता और खनन माफिया के संरक्षण का आरोप लगाया है। क्या सरकार की घोषणाएं महज दिखावा हैं?

Key Takeaways

  • अवैध बालू खनन से जुड़ी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
  • भाजपा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • सरकार की घोषणाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
  • सड़क दुर्घटनाएँ चिंताजनक हैं।
  • राजनीतिक मतभेद उभर रहे हैं।

रांची, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में अवैध बालू खनन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल ने रविवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में एक प्रेसवार्ता के दौरान राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता और खनन माफिया के संरक्षण का आरोप लगाया।

अमित मंडल ने कहा कि राज्य सरकार 'बालू से तेल निकालने' के काम में लगी हुई है। उन्होंने यह बताया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में गरीबों और गैर आयकरदाताओं को मुफ्त बालू देने की घोषणा की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज किसी जरूरतमंद को मुफ्त बालू मिल रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन और बालू घाटों पर सीसीटीवी लगाने की बात कही थी, लेकिन इन घोषणाओं का क्रियान्वयन कहीं नहीं दिख रहा। मंडल के अनुसार, प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय है और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

अवैध बालू परिवहन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में हर साल हाईवा वाहनों के कारण मौतों की संख्या चिंताजनक है। उनके अनुसार, 2025 में अब तक लगभग 4200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2023 में 4173 और 2024 में 3659 लोगों की जान गई थी।

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े कोरोना काल में हुई मौतों से भी अधिक हैं, जो राज्य की खराब कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र को दर्शाते हैं। मंडल ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर मतभेद उभर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में माइनिंग माफिया का प्रभाव बढ़ रहा है और प्रशासन उस दबाव में काम कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन से जुड़े आर्थिक हितों के चलते सत्तारूढ़ दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर राजनीतिक बयानों में स्पष्ट है। भाजपा नेता ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में अवैध खनन पर रोक लगाना चाहती है तो परिवहन तंत्र पर निगरानी बढ़ानी होगी और संबंधित कंपनियों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और तारिक इमरान भी उपस्थित थे।

Point of View

बल्कि आम लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डालता है। सरकार को इस पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या झारखंड में अवैध बालू खनन की समस्या गंभीर है?
हाँ, अवैध बालू खनन से संबंधित मुद्दे झारखंड में गंभीर हैं, जो न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं।
भाजपा ने सरकार पर कौन से आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने प्रशासनिक विफलता और खनन माफिया के संरक्षण के आरोप लगाए हैं, साथ ही सरकार की घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
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