1 नवंबर 2026
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धनबाद सीबीआई दफ्तर में CIMFR कर्मचारी विवेक सिंह की कथित पिटाई, तीन घंटे मारपीट का आरोप

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धनबाद सीबीआई दफ्तर में CIMFR कर्मचारी विवेक सिंह की कथित पिटाई, तीन घंटे मारपीट का आरोप

सारांश

धनबाद CBI दफ्तर में पूछताछ के दौरान CSIR-CIMFR कर्मचारी विवेक सिंह ने अधिकारियों पर तीन घंटे मारपीट का आरोप लगाया है। दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें, एक सप्ताह के आराम की सलाह। CBI और CSIR-CIMFR का आधिकारिक पक्ष अभी आना बाकी।

मुख्य बातें

CSIR-CIMFR कर्मचारी विवेक सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को धनबाद CBI दफ्तर में तीन घंटे तक कथित मारपीट का आरोप लगाया।
आरोपित अधिकारियों में CBI के संदीप सिंह , दीपक मीणा और दो अन्य शामिल बताए गए हैं।
पूछताछ CSIR-CIMFR के एक पूर्व निदेशक से जुड़े कथित मानदेय वितरण घोटाले के मामले में हो रही थी।
पीड़ित की दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें; संस्थान के चिकित्सक ने एक सप्ताह विश्राम की सलाह दी।
विवेक सिंह ने CSIR-CIMFR उच्च पदाधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी; कार्रवाई की माँग की।
CBI और CSIR-CIMFR प्रबंधन का आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया।

धनबाद के केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) कार्यालय में 29 अक्टूबर 2026 को पूछताछ के दौरान सीएसआईआर-केंद्रीय खान एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CIMFR) के कर्मचारी विवेक सिंह के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि CBI अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा समेत चार व्यक्तियों ने लगभग तीन घंटे तक उनके साथ डंडे और लात-घूंसों से मारपीट की। इस घटना ने धनबाद में जाँच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और हिरासत में मानवाधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटनाक्रम: कैसे हुई कथित मारपीट

विवेक सिंह के अनुसार, उन्हें 29 अक्टूबर 2026 को सुबह साढ़े दस बजे धनबाद स्थित CBI कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था। पूछताछ CSIR-CIMFR के एक पूर्व निदेशक से जुड़े कथित मानदेय वितरण घोटाले के सिलसिले में की जा रही थी।

पीड़ित का दावा है कि जब उन्होंने अधिकारियों की अपेक्षा के अनुरूप जवाब नहीं दिए, तो संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अन्य व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विवेक सिंह के अनुसार, करीब तीन घंटे तक उन्हें डंडों और पैरों से पीटा गया।

पीड़ित की चोटें और चिकित्सीय स्थिति

कथित मारपीट के कारण विवेक सिंह की दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें आई हैं और कटने के निशान भी बन गए हैं। चोट की गंभीरता को देखते हुए CSIR-CIMFR के चिकित्सक ने उन्हें एक सप्ताह तक पूर्ण विश्राम करने की सलाह दी है। फिलहाल वे चलने-फिरने में भी असमर्थ बताए जा रहे हैं।

शिकायत और कार्रवाई की माँग

घटना के बाद विवेक सिंह ने CSIR-CIMFR के उच्च पदाधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है। अपनी शिकायत में उन्होंने पूरी घटना का विस्तृत विवरण देते हुए एक स्वतंत्र जाँच एजेंसी के कार्यालय में इस प्रकार के कथित व्यवहार पर गहरा एतराज जताया है।

विवेक सिंह ने कहा है कि स्वतंत्र भारत में किसी नागरिक के साथ जाँच एजेंसी के परिसर में इस तरह का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की है।

CBI और CSIR-CIMFR का पक्ष अभी आना बाकी

इस मामले में अब तक CBI की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आरोपी अधिकारियों का पक्ष भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसी तरह, CSIR-CIMFR प्रबंधन की ओर से भी आधिकारिक बयान का इंतजार है। यह उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के आरोप जब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित न हों, तब तक इन्हें कथित ही माना जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

अब सबकी निगाहें CBI के आधिकारिक स्पष्टीकरण और CSIR-CIMFR की आंतरिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह मामला हिरासत में दुर्व्यवहार के गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाएगा। मानवाधिकार विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में तत्काल उच्चस्तरीय जाँच और पारदर्शिता ज़रूरी है, ताकि संस्थागत विश्वसनीयता बनी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सत्यापित होते हैं, तो संस्थागत जवाबदेही के लिए गहरी चुनौती हैं। गौरतलब है कि आरोप अभी तक कथित हैं और CBI का पक्ष सामने नहीं आया — ऐसे में मीडिया की ज़िम्मेदारी है कि वह दोनों पक्षों की प्रतीक्षा करे। असली परीक्षा यह होगी कि क्या CSIR-CIMFR प्रबंधन और उच्च अधिकारी इस शिकायत को दबाते हैं या पारदर्शी जाँच कराते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद CBI दफ्तर में CIMFR कर्मचारी के साथ क्या हुआ?
CSIR-CIMFR कर्मचारी विवेक सिंह ने आरोप लगाया है कि 29 अक्टूबर 2026 को धनबाद CBI कार्यालय में पूछताछ के दौरान CBI अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा समेत चार लोगों ने उन्हें करीब तीन घंटे तक डंडे और लात-घूंसों से पीटा। इस कथित मारपीट में उनकी दाहिनी जांघ पर गंभीर चोटें आई हैं।
विवेक सिंह को CBI ने किस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था?
विवेक सिंह को CSIR-CIMFR के एक पूर्व निदेशक से जुड़े कथित मानदेय वितरण घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए धनबाद CBI कार्यालय बुलाया गया था। उन्हें 29 अक्टूबर को सुबह साढ़े दस बजे उपस्थित होने को कहा गया था।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
विवेक सिंह ने CSIR-CIMFR के उच्च पदाधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और उचित कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि अभी तक CBI की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और CSIR-CIMFR प्रबंधन का बयान भी प्रतीक्षित है।
CSIR-CIMFR क्या है और धनबाद से इसका क्या संबंध है?
CSIR-CIMFR यानी केंद्रीय खान एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अंतर्गत काम करने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान है, जो धनबाद, झारखंड में स्थित है। यह संस्थान खनन, कोयला और ऊर्जा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जाना जाता है।
CBI अधिकारियों पर आरोप क्यों गंभीर माने जा रहे हैं?
CBI भारत की प्रमुख केंद्रीय जाँच एजेंसी है, और उसके कार्यालय में किसी व्यक्ति के साथ कथित मारपीट हिरासत में मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बनती है। यदि आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह संस्थागत जवाबदेही और नागरिक अधिकारों से जुड़े संवैधानिक प्रश्न उठाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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