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पंजाब पुलिस की ईडी मामले में निष्क्रियता पर भाजपा का हमला, सीबीआई जांच की माँग

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पंजाब पुलिस की ईडी मामले में निष्क्रियता पर भाजपा का हमला, सीबीआई जांच की माँग

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय की जांच सामग्री 13 दिनों से पंजाब पुलिस के पास लंबित है और कोई FIR दर्ज नहीं हुई। भाजपा ने CMO के OSD राजबीर घुमन और निजी व्यक्ति नितिन गोहल के कथित नेटवर्क को लेकर सीबीआई जांच की माँग की है — और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

ईडी ने पीएमएलए के तहत जांच सामग्री पंजाब डीजीपी गौरव यादव को भेजी; सामग्री में संज्ञेय अपराधों के संकेत बताए गए।
पंजाब पुलिस ने 13 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की, जिस पर भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए।
ईडी सामग्री में CMO OSD राजबीर घुमन और निजी व्यक्ति नितिन गोहल के कथित समन्वय का उल्लेख।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने FIR पंजीकरण , साक्ष्य संरक्षण और समयबद्ध सीबीआई जांच की माँग की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य के गृह मंत्री भी हैं — विपक्ष ने उनसे सीधा रुख स्पष्ट करने को कहा।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जुटाई गई जांच सामग्री पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को भेजी है, जिसमें संज्ञेय अपराधों के संकेत होने का दावा किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस ने इस सामग्री पर 13 दिनों से कोई कार्रवाई नहीं की, जो राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष विजय सांपला ने 20 अगस्त को चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की माँग की। उन्होंने कहा कि ईडी की जांच सामग्री में आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सरकारी सूचनाओं के लीकेज, तबादलों और नियुक्तियों में हस्तक्षेप, सरकारी नीतियों व निविदाओं में हेरफेर तथा अवैध रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

यह मामला इसलिए और संवेदनशील हो जाता है क्योंकि ईडी की सामग्री में राजबीर घुमन का उल्लेख है, जो पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष ड्यूटी अधिकारी (OSD) के पद पर कार्यरत हैं। सामग्री में कथित तौर पर निजी व्यक्ति नितिन गोहल के साथ घुमन के समन्वय का भी जिक्र है।

आरोपों का दायरा

सांपला के अनुसार, ईडी की सामग्री में तबादलों और नियुक्तियों से लेकर सरकारी नीतियों, निविदाओं, गोपनीय सूचनाओं, भूमि मामलों, लाइसेंसों और कथित वित्तीय लाभों तक कई मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द इतना व्यापक नेटवर्क कथित तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की जानकारी के बिना कैसे संचालित हो सकता था।

गौरतलब है कि भगवंत मान राज्य के गृह मंत्री भी हैं और पंजाब पुलिस सीधे राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है — यही तथ्य विपक्ष की माँग को और धार देता है।

भाजपा की विशिष्ट माँगें

सांपला ने तीन सूत्री माँग रखी: ईडी द्वारा अनुरोधित प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) का तत्काल पंजीकरण; सभी डिजिटल, दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्यों का संरक्षण; तथा गोहल, घुमन और ईडी सामग्री में नामित अन्य सभी व्यक्तियों की भूमिकाओं सहित पूरे मामले की समयबद्ध सीबीआई जांच।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने बार-बार ईमानदारी और पारदर्शिता का दावा किया है — यदि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उन्हें स्वयं सीबीआई जांच की माँग करनी चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। आलोचकों का कहना है कि पंजाब पुलिस की कथित निष्क्रियता — 13 दिनों तक कोई कदम न उठाना — स्वयं एक जांच का विषय है।

सांपला ने स्पष्ट किया कि पंजाब को राजनीतिक स्पष्टीकरण नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच चाहिए — एफआईआर चाहिए, बहाने नहीं। आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब मुख्यमंत्री स्वयं गृह मंत्री भी हों, सवाल को और पेचीदा बनाती है। CMO के OSD का नाम सामग्री में आना AAP के 'ईमानदार राजनीति' के ब्रांड को सीधी चुनौती देता है। भाजपा की माँग राजनीति से प्रेरित हो सकती है, लेकिन FIR दर्ज न होने का तथ्य अपने आप में उत्तर माँगता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पंजाब डीजीपी को क्या सामग्री भेजी है?
प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को भेजी है, जिसमें आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सूचनाओं के लीकेज, तबादलों में हस्तक्षेप, निविदाओं में हेरफेर और अवैध रिश्वतखोरी जैसे संज्ञेय अपराधों के संकेत बताए गए हैं।
राजबीर घुमन कौन हैं और उनका नाम इस मामले में क्यों आया?
राजबीर घुमन पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष ड्यूटी अधिकारी (OSD) हैं। ईडी की जांच सामग्री में कथित तौर पर सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में निजी व्यक्ति नितिन गोहल के साथ उनके समन्वय का उल्लेख है।
भाजपा ने सीबीआई जांच की माँग क्यों की?
भाजपा का तर्क है कि चूँकि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं राज्य के गृह मंत्री हैं और पंजाब पुलिस उनके अधीन है, इसलिए राज्य पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने 13 दिनों की निष्क्रियता को हितों के टकराव का प्रमाण बताया।
पंजाब पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
भाजपा के आरोपों के अनुसार, ईडी की सामग्री मिलने के 13 दिन बाद भी पंजाब पुलिस ने न FIR दर्ज की है और न कोई अन्य कदम उठाया है। पुलिस या राज्य सरकार की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से क्या माँग की है?
विजय सांपला ने मुख्यमंत्री मान से सीधे अपना रुख स्पष्ट करने और यदि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो स्वयं सीबीआई जांच की माँग करने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को राजनीतिक बहाने नहीं, बल्कि FIR और निष्पक्ष जांच चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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