क्या टीएमसी के प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं, सीपी सिंह ने कहा- धरनों का कोई असर नहीं होगा?

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क्या टीएमसी के प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं, सीपी सिंह ने कहा- धरनों का कोई असर नहीं होगा?

सारांश

नई दिल्ली, ९ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है, जो बिना किसी हस्तक्षेप के अपने कार्य कर रही है।

Key Takeaways

  • ईडी का कार्य स्वतंत्रता के साथ हो रहा है।
  • धरना-प्रदर्शन से ईडी के काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  • भ्रष्टाचार के मामलों की जांच ईडी का प्राथमिक उद्देश्य है।
  • राजनीतिक विरोध केवल ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका है।
  • केंद्र सरकार का ईडी की कार्यप्रणाली में कोई हस्तक्षेप नहीं है।

नई दिल्ली, ९ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गतिविधियों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है। केंद्र सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि ईडी एक स्वायत्त एजेंसी है और वह कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्यरत है, इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि जब भी ईडी किसी मामले की जांच करती है, तो उसके पीछे ठोस दस्तावेज और जानकारी होती है।

उन्होंने यह भी बताया कि ईडी की जांच का सरकार से कोई संबंध नहीं है। यदि ईडी जांच के लिए आती है, तो उसे सभी आवश्यक कागजात देखने और जांच करने का पूरा अधिकार है। एजेंसियों को कानून के दायरे में अपना कार्य करने दिया जाना चाहिए।

वहीं, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंत्री टंकराम वर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईडी की कार्रवाई के खिलाफ किए गए विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का ईडी के खिलाफ प्रदर्शन पूरी तरह से गलत है। ईडी अपना संवैधानिक दायित्व निभा रही है और उसे बिना किसी दबाव के काम करने दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चल रही जांच में हस्तक्षेप करना और दस्तावेज जब्त करने की कोशिशें गलत हैं। टंकराम वर्मा ने यह भी कहा कि बंगाल की जनता वर्तमान सरकार से परेशान हो चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के विरोध में निकाले गए मार्च और दिल्ली में टीएमसी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने भी बयान दिया।

उन्होंने कहा कि आज जब ईडी अपने कर्तव्य का पालन कर रही है, तो सभी भ्रष्टाचारियों को परेशानी हो रही है। सीपी सिंह के अनुसार, ममता बनर्जी भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं हैं। उनके अनुसार, जब ईडी भ्रष्टाचार को उजागर करने और दोषियों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई करती है, तो सभी भ्रष्टाचारी एकजुट होकर विरोध करने लगते हैं।

सीपी सिंह ने यह भी कहा कि धरना-प्रदर्शन और विरोध मार्च से ईडी के कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ईडी अपना कर्तव्य निभाती रहेगी और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

Point of View

जबकि ईडी का मुख्य फोकस भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

ईडी क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत सरकार की एक एजेंसी है, जो आर्थिक अपराधों की जांच करती है।
ममता बनर्जी ने क्यों विरोध किया?
ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए विरोध किया है।
सीपी सिंह का क्या कहना है?
सीपी सिंह ने कहा कि धरना-प्रदर्शन से ईडी के कार्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या ईडी स्वतंत्र है?
हां, ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है जो कानून के तहत कार्य करती है।
क्या धरना-प्रदर्शन प्रभावी हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि धरना-प्रदर्शन से ईडी के कार्य में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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