गिरिडीह: पचंबा थाने में BJP कार्यकर्ता की पिटाई का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने माँगी थाना प्रभारी पर तत्काल कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले के पचंबा थाना परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के कार्यकर्ता श्रेयांश के साथ कथित मारपीट की घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। 4 सितंबर को सामने आई इस घटना पर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पचंबा थाना प्रभारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग की है।
घटनाक्रम: थाने में क्या हुआ
BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ता श्रेयांश के अनुसार, वे अपने कुछ साथियों के साथ एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित छेड़खानी और उसके परिवार को परेशान किए जाने की शिकायत लेकर पीड़ित परिजनों के साथ पचंबा थाना पहुँचे थे। आरोप है कि थाना परिसर में पहुँचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और थाना प्रभारी के निर्देश पर लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की गई।
BJP नेताओं का आरोप है कि नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उन्हीं लोगों पर हाथ उठाया जो न्याय दिलाने की माँग लेकर आए थे। इस आरोप ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बाबूलाल मरांडी का हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हेमंत सोरेन सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'अपराधियों के सामने पीठ दिखाकर भागने वाली सरकार की पुलिस थाने में BJP कार्यकर्ताओं पर लाठियाँ बरसाकर खुद को शेर समझ रही है।'
मरांडी ने गिरिडीह पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा और पुलिस पर वर्दी की आड़ में मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो BJP सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करेगी।
BJP की माँगें
पार्टी ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पचंबा थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई, घटना की निष्पक्ष जाँच और नाबालिग बच्ची के परिवार को न्याय। मरांडी ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों की मनमानी का पार्टी राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले से ही सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) गठबंधन सरकार पर निशाना साध रहा है। गौरतलब है कि थाने में न्याय माँगने आए नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएँ पुलिस-जनता विश्वास की खाई को और गहरा करती हैं। पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
BJP ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को विधानसभा और सड़क — दोनों मोर्चों पर उठाएगी। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।