झारखंड: गम्हरिया थाने में महिला से दुष्कर्म, थाना प्रभारी सहित 15 पुलिसकर्मी निलंबित, 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में 1 नवंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया, जिससे कुल निलंबित कर्मियों की संख्या 15 हो गई है। अब तक इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
घटनाक्रम: थाने में महिला के साथ क्या हुआ
पुलिस के अनुसार, गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुग्धा गांव की रहने वाली एक महिला गुरुवार की देर रात पारिवारिक विवाद और पति की प्रताड़ना की शिकायत लेकर थाने पहुँची थी। देर रात होने के कारण उसे थाने में ही रुकने की सलाह दी गई। आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा महिला को थाना परिसर के एक कमरे में ले गया और उससे दुष्कर्म किया।
पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को तत्काल गिरफ्तार किया गया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देश में व्यापक बहस जारी है।
गिरफ्तार पुलिसकर्मी और निलंबन का विवरण
इस मामले में अब तक गिरफ्तार तीन पुलिसकर्मियों में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा (मुख्य आरोपी), ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और थाना मुंशी शामिल हैं। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
निलंबन की कार्रवाई दो चरणों में हुई — पहले थाना प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, फिर रविवार को दो सब इंस्पेक्टर, चार असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार और एक कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया। एसपी स्वर्गियारी के अनुसार, यह नौ पुलिसकर्मी अनुशासनहीनता तथा घटना की जानकारी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को न देने के आरोप में निलंबित किए गए हैं।
एसआईटी जांच और साक्ष्य संरक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित कमरे को साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए सील कर दिया।
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने स्वयं रविवार को गम्हरिया थाना पहुँचकर मामले की जाँच की। गौरतलब है कि यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध का है, बल्कि यह भी उजागर करता है कि कथित घटना के बाद कई पुलिसकर्मियों ने जानकारी छुपाने का प्रयास किया।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका या लापरवाही सामने आने पर उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह प्रकरण झारखंड पुलिस की जवाबदेही और आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और आने वाले दिनों में एसआईटी की रिपोर्ट मामले की दिशा तय करेगी।