पीवी सिंधु ने हाइलो ओपन सुपर 500 जीता, 21-12, 21-14 से केयर्सफेल्ट को हराकर सीजन का दूसरा खिताब
सारांश
मुख्य बातें
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने 1 नवंबर 2026 को जर्मनी के सारब्रुकन में खेले गए हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर इस सत्र का अपना दूसरा टाइटल हासिल किया। सिंधु ने फाइनल में डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ट को महज 39 मिनट में 21-12, 21-14 से सीधे गेमों में ध्वस्त कर $5,00,000 इनामी राशि वाली ट्रॉफी उठाई।
मुख्य घटनाक्रम
टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त और वर्तमान में वर्ल्ड रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज सिंधु ने अपने सटीक शॉट्स, नेट पर दबदबे और चालाकी भरे स्ट्रोक्स के दम पर रैंकिंग में 25वें स्थान पर मौजूद डेनिश खिलाड़ी को कहीं से भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया। फाइनल से पहले दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 6-1 सिंधु के पक्ष में था — केयर्सफेल्ट की एकमात्र जीत 2015 सुदीरमन कप फाइनल्स में दर्ज थी।
पहला गेम: सिंधु का वर्चस्व
सिंधु ने मैच की शुरुआत एक दमदार क्रॉस-कोर्ट विनर से की। शुरुआती कुछ अनफोर्स्ड एरर्स की वजह से डेनिश खिलाड़ी ने 3-3 की बराबरी जरूर की, लेकिन इसके बाद सिंधु ने नेट पर शानदार खेल दिखाते हुए 8-5 की बढ़त बना ली। एक बेहतरीन बैकहैंड विनर की मदद से वह 17-12 तक पहुंचीं और पहले ही गेम प्वाइंट पर 21-12 से पहला गेम अपने नाम किया।
दूसरा गेम: खिताब पर मुहर
दूसरे गेम में भी सिंधु ने अपनी लय बरकरार रखते हुए 6-3 से आगे निकलीं। केयर्सफेल्ट ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने लगातार विनर्स की झड़ी लगाकर स्कोर 10-6 कर लिया। डेनिश खिलाड़ी नेट पर बार-बार गलतियाँ करती रहीं, जबकि सिंधु ने अपनी बढ़त 17-11 तक पहुंचाई। एक आक्रामक रिटर्न के बाद सिंधु को छह चैंपियनशिप प्वाइंट्स मिले, और जब केयर्सफेल्ट ने नेट पर एक और गलती की, सिंधु ने पहले ही मौके पर 21-14 से दूसरा गेम जीतकर खिताब अपने नाम किया।
सीजन में सिंधु का सफर
यह ऐसे समय में आया है जब सिंधु ने इस सत्र में जबरदस्त फॉर्म दिखाई है। जुलाई 2026 में उन्होंने जापान ओपन जीता था और पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में वे उपविजेता रही थीं। गौरतलब है कि यह जीत सिंधु को BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में और मजबूत बनाती है — इस खिताब से उन्हें 9,200 रैंकिंग अंक मिले हैं।
क्या होगा आगे
पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु का अगला लक्ष्य सीजन के अंत में होने वाले प्रतिष्ठित BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स में जगह पक्की करना होगा। लगातार तीन फाइनल में उपस्थिति — जिनमें से दो में खिताब — यह संकेत देती है कि सिंधु अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में वापस आ चुकी हैं।