राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे, रैली फ्लॉप: BJP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्ष की रैली को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, नेताओं ने दावा किया कि रैली बुरी तरह नाकाम रही और जनता का समर्थन विपक्ष के साथ नहीं है।
BJP बिहार अध्यक्ष का हमला
BJP बिहार के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने के लिए 'नया नाटक' कर रहे हैं और उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिल रहा। सरावगी ने कहा, 'लोकतंत्र और संविधान की हत्या कांग्रेस की सरकारें करती रही हैं। जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने जिस तरह राज्य सरकारों को गिराया और राष्ट्रपति शासन लगाया, उससे बड़ा संविधान का उल्लंघन और क्या हो सकता है?'
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के समर्थन से प्रधानमंत्री हैं, न कि राहुल गांधी की वजह से। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई, लेकिन विपक्ष एक भी गलत मतदाता का उदाहरण सामने नहीं ला सका — यह सरावगी का दावा है।
ईवीएम और मतदाता सूची पर BJP का सवाल
सरावगी ने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनती है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही विपक्ष में जाते हैं तो ईवीएम हैक और वोट चोरी के आरोप सामने आ जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वहाँ के लोग SIR की तारीफ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष रामलीला मैदान में मतदाता सूची में कथित हेरफेर के खिलाफ रैली आयोजित कर चुका है। BJP ने सवाल उठाया कि रैली में उपस्थित लोगों में से कितनों के नाम वास्तव में मतदाता सूची से काटे गए हैं।
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल के आरोप
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी को 'असफल और राजनीतिक रूप से बेरोज़गार नेता' बताया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ के कामकाज पर कोई चर्चा नहीं होती — यही वजह है कि जनता चुनावों में उन्हें नकार देती है।
खंडेलवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी तंज कसा और कहा कि वह गांधी परिवार की 'कठपुतली' की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने का नैतिक अधिकार न होने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव पर निशाना
खंडेलवाल ने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोला और कहा कि वह 'राजनीतिक वनवास' में हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर अखिलेश इतने मजबूत हैं तो कांग्रेस का सहारा लेने की बजाय अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ते।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की एकजुटता पहले से सवालों के घेरे में है। BJP की इस प्रतिक्रिया को विपक्ष की रैली के राजनीतिक असर को कुंद करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
आगे का राजनीतिक घटनाक्रम
BJP की इस आक्रामक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस और तेज़ होगी। विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है।