राहुल गांधी को चुनाव आयुक्त हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया नहीं पता: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 29 सितंबर 2026 को विपक्षी नेताओं के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव पर एक साथ निशाना साधा। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को चुनाव आयुक्तों को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है।
राहुल गांधी पर संवैधानिक अज्ञानता का आरोप
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयुक्तों को हटाने संबंधी दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त या किसी भी चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए एक निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसमें संसद की भूमिका अनिवार्य होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की जानकारी के बिना ऐसी माँग करना संविधान के प्रति अनभिज्ञता को उजागर करता है। खंडेलवाल ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री से इस्तीफे की माँग वाले बयान की भी आलोचना की।
केजरीवाल के बयान पर तीखा पलटवार
BJP सांसद ने AAP नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को 'अत्यंत शर्मनाक' बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की उम्र और पद का सम्मान हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। खंडेलवाल ने केजरीवाल को यह सुझाव भी दिया कि उन्हें अपने बयान पर आत्ममंथन करना चाहिए।
अखिलेश यादव पर 'राजनीतिक सोच' का आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा BJP सरकार पर मदरसों के साथ भेदभाव के लगाए गए आरोपों को खंडेलवाल ने पार्टी की 'संकीर्ण राजनीतिक सोच' का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हर मुद्दे को एक विशेष नज़रिए से देखते हैं, जो उनकी पार्टी की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
सरकार की नीति पर खंडेलवाल का पक्ष
BJP सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की नीति पर लगातार काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का यह प्रयास जनता के बीच भ्रम फैलाने का है।
UPI और डिजिटल भुगतान सुरक्षा पर चिंता
खंडेलवाल ने UPI को भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की 'महत्वपूर्ण नींव' बताते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन में लगातार वृद्धि के साथ साइबर सुरक्षा और भुगतान प्रणाली की विश्वसनीयता को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में डिजिटल धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। खंडेलवाल ने इस दिशा में सरकार और संबंधित एजेंसियों से विशेष ध्यान देने की अपील की।