5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

BJP मध्य प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल बोले: कांग्रेस को SIR पर सवाल उठाने का हक नहीं, 10 बार उन्हीं के शासन में हुई प्रक्रिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
BJP मध्य प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल बोले: कांग्रेस को SIR पर सवाल उठाने का हक नहीं, 10 बार उन्हीं के शासन में हुई प्रक्रिया

सारांश

BJP के मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के SIR विरोध को 'दोहरा मापदंड' बताते हुए पलटवार किया — कहा कि 12 में से 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस शासन में ही हुई। राहुल गांधी के 13 करोड़ नाम काटने के दावे को झूठा बताया और वैध प्रमाण माँगा।

मुख्य बातें

BJP मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 5 नवंबर 2026 को भोपाल में कहा कि कांग्रेस को SIR पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं।
आज़ादी के बाद SIR की प्रक्रिया 12 बार हुई है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में।
खंडेलवाल ने राहुल गांधी के 13 करोड़ नाम काटने के दावे को 'झूठा और गलत' बताया।
बिहार SIR पर सर्वोच्च न्यायालय में 18 याचिकाएँ दायर, विपक्ष आरोप सिद्ध करने में विफल रहा।
BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा — 2014, 2019 और 2024 के तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की कुल सीटें 200 के पार नहीं गईं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भोपाल में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव आयोग (ECI) द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस को सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि आज़ादी के बाद से अब तक SIR की प्रक्रिया 12 बार हो चुकी है, जिनमें से 10 बार यह कांग्रेस के शासनकाल में ही संपन्न हुई।

खंडेलवाल के मुख्य आरोप

खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम काटे जाने का 'झूठा और गलत आँकड़ा' देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों को मतदाता बनाए रखने के लिए अराजकता फैला रहे हैं।

खंडेलवाल ने चुनौती दी कि यदि वास्तव में किसी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटाया गया है, तो राहुल गांधी उसका प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बिहार में SIR को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में 18 याचिकाएँ दायर की गईं, परंतु विपक्ष अपने आरोप सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका।

BJP प्रवक्ता शुक्ला की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हमारे संविधान में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विमर्श के लिए संसद का सदन निर्धारित है। उनके अनुसार, राहुल गांधी सदन में बहस करने की बजाय हंगामा करते हैं और सदन छोड़कर सड़क पर बहस की चुनौती देते हैं।

शुक्ला ने दावा किया कि चार अवसरों पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सदन में अपना पक्ष रखने लगी, तब राहुल गांधी और कांग्रेस के सदस्य सदन से बाहर चले गए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को 'झूठ, भ्रम और निराशा तक सीमित' बताया।

चुनावी हार और संस्थाओं पर आरोप

शुक्ला ने चुनावी आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2014, 2019 और 2024 के तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की कुल सीटें मिलाकर भी 200 के आँकड़े तक नहीं पहुँच सकीं, जबकि BJP ने इन तीनों चुनावों में प्रत्येक बार कम से कम 240 सीटें हासिल कीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी पराजय का कारण अपनी नीतियों, नेतृत्व और जनाधार में तलाशना चाहिए, न कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष SIR की प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में सक्रिय अभियान चला रहा है।

आगे क्या

गौरतलब है कि SIR को लेकर राजनीतिक विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा। सर्वोच्च न्यायालय में बिहार SIR पर दायर याचिकाओं का निपटारा अभी भी प्रक्रियाधीन बताया जा रहा है। BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले राज्य चुनावों से पहले और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि वर्तमान प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिक सूचना पर्याप्त है या नहीं। राहुल गांधी के 13 करोड़ के आँकड़े पर BJP की चुनौती वैध है — यदि यह दावा बिना ठोस साक्ष्य के है, तो यह राजनीतिक दुष्प्रचार की श्रेणी में आता है। वहीं, BJP को भी यह स्पष्ट करना होगा कि SIR की निगरानी के लिए स्वतंत्र सत्यापन तंत्र क्या है — संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा और उनकी जवाबदेही दोनों एक साथ ज़रूरी हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र नागरिकों को जोड़ा जाता है। BJP के अनुसार यह प्रक्रिया देश में अब तक 12 बार हो चुकी है।
BJP ने कांग्रेस के SIR विरोध को दोहरा मापदंड क्यों बताया?
BJP मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज़ादी के बाद SIR की 12 में से 10 प्रक्रियाएँ कांग्रेस के शासनकाल में ही हुई थीं। इसीलिए उनका तर्क है कि जो पार्टी खुद इस प्रक्रिया की समर्थक रही है, उसे अब इस पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राहुल गांधी के 13 करोड़ नाम काटने के दावे पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
BJP ने इस दावे को 'झूठा और गलत' बताते हुए राहुल गांधी से माँग की है कि वे किसी ऐसे वैध मतदाता का प्रमाण सामने रखें जिसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया हो। पार्टी का कहना है कि बिना ठोस साक्ष्य के ये आरोप जनता को भ्रमित करने का प्रयास हैं।
बिहार SIR पर सर्वोच्च न्यायालय में क्या हुआ?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के अनुसार बिहार में SIR को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में 18 याचिकाएँ दायर की गईं, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दल अपने आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं हो सके। इन याचिकाओं की सुनवाई अभी भी प्रक्रियाधीन बताई जा रही है।
BJP ने कांग्रेस की चुनावी हार को SIR विवाद से कैसे जोड़ा?
BJP प्रवक्ता शुक्ला ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के तीनों लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की कुल सीटें 200 के आँकड़े तक नहीं पहुँचीं, जबकि BJP ने हर बार कम से कम 240 सीटें जीतीं। उनके अनुसार कांग्रेस को अपनी हार का कारण अपनी नीतियों और नेतृत्व में खोजना चाहिए, न कि चुनाव आयोग पर दोष मढ़ना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले