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राहुल गांधी की विदेश यात्राएं रहस्यमय, खर्च का हिसाब दें: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल

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राहुल गांधी की विदेश यात्राएं रहस्यमय, खर्च का हिसाब दें: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल

सारांश

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को 'रहस्यमय' बताते हुए पारदर्शिता की माँग की। साथ ही कन्नौज में SP के खाली सम्मेलन को अखिलेश की जनप्रियता में गिरावट का संकेत और DMK के परिसीमन समर्थन को सकारात्मक कदम बताया।

मुख्य बातें

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 19 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को 'रहस्यमय' करार दिया और खर्च तथा मुलाकातों का हिसाब माँगा।
खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी देश में आंदोलन की बात करते हैं, लेकिन अहम मौकों पर विदेश यात्रा पर चले जाते हैं।
DMK के परिसीमन विधेयक को समर्थन देने के फैसले का BJP सांसद ने स्वागत किया और इसे जनप्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक बताया।
कन्नौज में समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियाँ और संगठन इकाई भंग होने पर अखिलेश यादव को घेरा।
खंडेलवाल ने इसे उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से अखिलेश यादव के प्रति बेरुखी का संकेत बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को 'रहस्यमय' करार दिया और माँग की कि वे देश को बताएँ कि वे कहाँ जाते हैं, किससे मिलते हैं और इन यात्राओं का खर्च कौन वहन करता है।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल

खंडेलवाल ने कहा कि यह कोई नई प्रवृत्ति नहीं है — देश में जब भी कोई प्रमुख राजनीतिक या सामाजिक गतिविधि होती है, उस समय राहुल गांधी प्रायः विदेश दौरे पर निकल जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी की जिम्मेदारी बनती है कि वे पिछले दो-तीन वर्षों में की गई अपनी सभी विदेश यात्राओं की पूरी जानकारी देश के सामने रखें।

खंडेलवाल के अनुसार, एक ओर जहाँ राहुल गांधी देश में आंदोलन खड़ा करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर विदेश यात्रा पर चले जाते हैं। BJP सांसद ने आरोप लगाया कि इससे उनके आंदोलन की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है और उसमें कोई दम नज़र नहीं आता।

परिसीमन पर DMK के समर्थन का स्वागत

परिसीमन विधेयक पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के सरकार को समर्थन देने के निर्णय का खंडेलवाल ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है और संसद में सभी क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए परिसीमन एक अनिवार्य प्रक्रिया है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह हर मुद्दे को विवाद का रूप देने की कोशिश करता है। खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष की यह रणनीति हर बार उसे निराशा की ओर ले जाती है।

कन्नौज पीडीए सम्मेलन पर अखिलेश यादव को घेरा

कन्नौज में आयोजित समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन में कुर्सियाँ खाली रहने और बाद में संगठन इकाई भंग किए जाने के मसले पर खंडेलवाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कन्नौज अखिलेश यादव का अपना गृहनगर माना जाता है, फिर भी वहाँ आयोजित एक बड़े सम्मेलन में भीड़ न जुट पाना पार्टी की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।

BJP सांसद ने कहा कि अखिलेश यादव बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनका आचरण जनता को रास नहीं आ रहा। उन्होंने इस घटना को उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से अखिलेश यादव के प्रति बेरुखी का स्पष्ट संकेत बताया।

विपक्ष की रणनीति पर BJP का आकलन

यह ऐसे समय में आया है जब संसद के शीतकालीन सत्र से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि खंडेलवाल के ये बयान किसी एक मुद्दे पर नहीं, बल्कि एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरने की BJP की समन्वित रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। आने वाले हफ्तों में परिसीमन बहस और विपक्षी एकजुटता की परीक्षा इन राजनीतिक बयानों को और अधिक प्रासंगिक बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अखिलेश यादव की जनाधार में कमी और परिसीमन पर विपक्षी फूट, तीनों एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में समेटे गए। हालाँकि विदेश यात्राओं पर पारदर्शिता की माँग वैध है, लेकिन इसका जवाब तथ्यात्मक आँकड़ों से देना ज़रूरी है — महज आरोपों से नहीं। कन्नौज की 'खाली कुर्सियाँ' एक सम्मेलन प्रबंधन की विफलता हो सकती है, न कि राज्यव्यापी जनसमर्थन का पैमाना। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इन बयानों को बिना संदर्भ के रिपोर्ट करती है; असली सवाल यह है कि क्या इनमें से कोई भी दावा तथ्यात्मक सत्यापन की कसौटी पर खरा उतरेगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर क्या कहा?
खंडेलवाल ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को 'रहस्यमय' बताते हुए माँग की कि वे देश को बताएँ कि वे कहाँ जाते हैं, किससे मिलते हैं और इन यात्राओं का खर्च कौन उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जब भी कोई प्रमुख गतिविधि होती है, उस समय राहुल गांधी अक्सर विदेश चले जाते हैं।
परिसीमन विधेयक पर DMK के समर्थन पर BJP का क्या रुख है?
खंडेलवाल ने DMK के परिसीमन विधेयक को समर्थन देने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनज़र संसद में सभी क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए परिसीमन आवश्यक है।
कन्नौज पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों का मामला क्या है?
कन्नौज में समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन के दौरान कुर्सियाँ खाली रहने और बाद में संगठन इकाई भंग किए जाने की खबरें आईं। BJP सांसद खंडेलवाल ने इसे अखिलेश यादव की घटती लोकप्रियता और उत्तर प्रदेश की जनता की बेरुखी का संकेत बताया।
खंडेलवाल के अनुसार विपक्ष की राजनीतिक रणनीति क्या है?
खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह हर मुद्दे को विवाद में बदलने की कोशिश करता है। उनके अनुसार, यह रणनीति हर बार विपक्ष को निराशा की ओर ले जाती है।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर पारदर्शिता की माँग का आधार क्या है?
खंडेलवाल का तर्क है कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे पिछले दो-तीन वर्षों की विदेश यात्राओं की जानकारी सार्वजनिक करें। उनका कहना है कि देश में आंदोलन की बात करते हुए अहम मौकों पर विदेश जाना उनके आंदोलन की गंभीरता पर सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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