बांग्लादेश में स्वास्थ्य असमानता: 79% खर्च मरीजों की जेब से, लाखों बुनियादी इलाज से वंचित
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में लाखों लोग ब्लड प्रेशर की जाँच, डायबिटीज की एक माह की दवाएँ खरीदने या नज़दीकी अस्पताल तक पहुँचने जैसे बुनियादी स्वास्थ्य खर्च उठाने में असमर्थ हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट और ढाका के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' की विश्लेषण रिपोर्ट में यह गंभीर तथ्य सामने आया है। विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले कुल खर्च का 79.31 प्रतिशत हिस्सा मरीजों को अपनी जेब से चुकाना पड़ता है, जो दक्षिण एशिया के सबसे ऊँचे स्तरों में से एक है।
स्वास्थ्य असमानता की गहरी जड़ें
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, किसी व्यक्ति का निवास स्थान, आय स्तर और शैक्षणिक पृष्ठभूमि — ये तीनों कारक उसकी सेहत और उपचार की उपलब्धता को सीधे प्रभावित करते हैं। वंचित समुदायों के लोगों को हृदय रोग, कैंसर, डायबिटीज और दीर्घकालिक श्वसन रोगों का अधिक जोखिम झेलना पड़ता है। इसके साथ ही उन्हें बीमारी की जाँच, पहचान और समय पर इलाज कराने में भी असमान अनुपात में अधिक बाधाएँ आती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की जाँच और उपचार के काफी कम अवसर मिलते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वंचित तबके की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की जाँच कराने की संभावना भी उल्लेखनीय रूप से कम पाई गई है।
गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ
बांग्लादेश में डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोग जैसी गैर-संचारी बीमारियाँ देश में कुल मौतों के लगभग 71 प्रतिशत मामलों के लिए ज़िम्मेदार हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव पहले से ही अधिक है और स्वास्थ्य बजट सीमित बना हुआ है। गौरतलब है कि यह बोझ मुख्यतः उन परिवारों पर पड़ता है जो इलाज का खर्च उठाने के लिए भोजन, बच्चों की शिक्षा या घर की अन्य अनिवार्य जरूरतों से समझौता करने को मजबूर होते हैं।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बीमारियों की रोकथाम पर्याप्त नहीं है; सस्ती और निरंतर उपचार सुविधा सुनिश्चित करना भी उतना ही अनिवार्य है। उनके अनुसार, लोगों को बेहतर खानपान, व्यायाम और नियमित डॉक्टर के पास जाने की सलाह देना तब तक कारगर नहीं होगा जब तक गरीबी और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता।
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की जाँच को अधिक सुलभ बनाना, जरूरी दवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना और समुदायों के नज़दीक स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत करना इस संकट से निपटने के लिए अनिवार्य कदम हैं।
वित्तीय सुरक्षा और आगे की राह
रिपोर्ट में वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की माँग की गई है, ताकि किसी भी परिवार को इलाज के लिए बुनियादी ज़रूरतों से समझौता न करना पड़े। स्वास्थ्य अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि वे राष्ट्रीय औसत आँकड़ों से आगे बढ़कर उन समुदायों की पहचान करें जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ अभी तक नहीं पहुँच पाई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक स्वस्थ बांग्लादेश की पहचान महज नए अस्पतालों के निर्माण या जागरूकता अभियानों से नहीं होगी — इसकी वास्तविक कसौटी यह होगी कि आय, शिक्षा और भौगोलिक स्थिति से परे हर नागरिक को समान स्वास्थ्य अवसर मिल सके।