1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का भाजपा पर हमला: 'मुख्य चुनाव आयुक्त हटाओ, 2027 में सपा सरकार बनेगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का भाजपा पर हमला: 'मुख्य चुनाव आयुक्त हटाओ, 2027 में सपा सरकार बनेगी'

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दिल्ली की रामलीला मैदान रैली को 'ऐतिहासिक' बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रद्द करने की माँग दोहराई। उन्होंने 2027 में सपा और 2029 में 'इंडिया' ब्लॉक की सरकार का दावा करते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन के संकेत दिए।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 1 नवंबर 2026 को भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कड़ा हमला बोला।
'इंडिया' ब्लॉक की रामलीला मैदान, नई दिल्ली की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, SIR रद्द करने और मतदाता सूची सुधार की माँग उठाई गई।
मेहरोत्रा ने 2027 में उत्तर प्रदेश में सपा और 2029 में केंद्र में 'इंडिया' ब्लॉक की सरकार बनने का दावा किया।
विपक्षी नेता ने गृह मंत्री के बयानों को 'तानाशाही' करार दिया और राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की।
देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति बनने की चेतावनी भी उनके बयान में शामिल रही।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 1 नवंबर 2026 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देशभर में भाजपा सरकार के विरुद्ध जनाक्रोश चरम पर है और नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' ब्लॉक की रैली को उन्होंने विपक्षी एकता का ऐतिहासिक प्रदर्शन बताया।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग

मेहरोत्रा ने कहा, "पूरा देश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग कर रहा है, और पूरी भाजपा सरकार सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने में लग गई है।" उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो उनके अनुसार देश के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

रामलीला मैदान की इस रैली में 'इंडिया' ब्लॉक के कई दलों ने हिस्सा लिया। सपा विधायक के अनुसार रैली में तीन प्रमुख माँगें रखी गईं — मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना, एसआईआर (SIR) को रद्द करना और मतदाता सूची को दुरुस्त करना।

रैली को बताया ऐतिहासिक, राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा

मेहरोत्रा ने कहा, "'इंडिया' ब्लॉक की यह रैली बेहद बड़ी और ऐतिहासिक रही। सभी दलों ने एकस्वर से कहा कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में हैं।" उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय आयोजित हुई जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सातत्यपूर्ण दबाव बना रहे हैं।

भाजपा पर 'तानाशाही' का आरोप

सपा विधायक ने गृह मंत्री के हालिया बयानों को निशाने पर लेते हुए कहा कि "भाजपा सरकार के लोगों, खासकर गृह मंत्री के बयान पूरी तरह से तानाशाही से भरे हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार कौन बनाएगा, यह जनता तय करती है, कोई एक दल नहीं।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं। मेहरोत्रा ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की और 2029 में केंद्र में 'इंडिया' ब्लॉक की सरकार बनेगी।

नेपाल बांग्लादेश से तुलना पर विवाद

मेहरोत्रा ने यह भी कहा कि "देश में वैसी ही स्थिति बन रही है, जैसी कुछ दिन पहले नेपाल और बांग्लादेश में देखी गई थी, और युवाओं को सड़कों पर संघर्ष करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।" यह बयान राजनीतिक रूप से विवादास्पद है क्योंकि दोनों पड़ोसी देशों में हाल के वर्षों में सत्ता परिवर्तन की बड़ी घटनाएँ घटी थीं।

आगे की दिशा

विपक्षी खेमे के इस आक्रामक सुर के साथ 'इंडिया' ब्लॉक के राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति अगले कुछ हफ्तों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सपा की यह राजनीतिक सक्रियता उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करती है, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका तथ्यात्मक आधार अनुत्तरित रहता है। असली सवाल यह है कि 'इंडिया' ब्लॉक की यह रैली आधारित राजनीति उत्तर प्रदेश के ज़मीनी समीकरणों में — जहाँ जाति और विकास के मुद्दे हावी रहते हैं — कितना बदलाव ला पाती है। बिना किसी ठोस चुनावी रणनीति के, यह आक्रामक बयानबाज़ी महज़ मीडिया साइकल का हिस्सा बनकर रह सकती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर क्या आरोप लगाए?
मेहरोत्रा ने कहा कि पूरा देश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग कर रहा है और भाजपा सरकार उन्हें बचाने के लिए पुलिस, सेना व अर्धसैनिक बलों का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना था कि यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
रामलीला मैदान की 'इंडिया' ब्लॉक रैली में कौन सी माँगें उठाई गईं?
रैली में तीन प्रमुख माँगें रखी गईं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाना, SIR (स्पेशल इंटेन्सिव रिवीज़न) को रद्द करना और मतदाता सूची को दुरुस्त करना। रैली में 'इंडिया' ब्लॉक के कई दल शामिल हुए।
सपा ने 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
सपा विधायक मेहरोत्रा ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और 2029 में केंद्र में 'इंडिया' ब्लॉक सत्ता में आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है।
'इंडिया' ब्लॉक का राष्ट्रव्यापी आंदोलन क्या है?
रामलीला मैदान की रैली के बाद 'इंडिया' ब्लॉक ने एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, जिसका मकसद संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर जनमत तैयार करना है। इस आंदोलन की रूपरेखा अभी घोषित नहीं की गई है।
मेहरोत्रा ने नेपाल और बांग्लादेश का ज़िक्र क्यों किया?
मेहरोत्रा ने कहा कि भारत में वैसी ही स्थिति बन रही है जैसी हाल के वर्षों में नेपाल और बांग्लादेश में बनी थी, जहाँ युवाओं ने सड़कों पर संघर्ष किया। यह बयान विपक्ष की उस कोशिश का हिस्सा है जो मौजूदा सरकार को जन असंतोष से जोड़ना चाहती है, हालाँकि इस तुलना का विस्तृत तथ्यात्मक आधार उन्होंने स्पष्ट नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 10 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 4 सप्ताह पहले