भाजपा का देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च, इंडिया ब्लॉक की रामलीला रैली का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 नवंबर 2026 को देशभर के कई राज्यों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकाले। यह प्रदर्शन इंडिया ब्लॉक की उस रैली के सीधे जवाब में आयोजित किए गए, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई थी। BJP ने इन प्रदर्शनों के ज़रिए विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
शिमला में हिमंत बिस्वा सरमा का नेतृत्व
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विरोध मार्च की अगुवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मार्च का समापन चौड़ा मैदान में आयोजित रैली के साथ होना तय था।
पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "क्या हिमाचल प्रदेश का चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? क्या केरल का चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? क्या रायबरेली से उनका अपना चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? पहले कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें इस्तीफा दें, उसके बाद वे हमसे इस्तीफे की मांग करने आएं।" सरमा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी स्वयं 2024 के चुनाव में ईवीएम के ज़रिए ही जीतकर संसद पहुँचे हैं, इसलिए उन्हें भी सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अनुराग ठाकुर का कांग्रेस पर हमला
शिमला की पदयात्रा में शामिल BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की प्रगति में बाधा डालने के लिए अराजकता फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर चुनी है, जबकि इसी तारीख को 1984 में सिखों का नरसंहार हुआ था। ठाकुर ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों का समर्थन लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन की उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी।
ठाणे में फडणवीस और शिंदे की रैली
महाराष्ट्र के ठाणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विरोध रैली में सम्मिलित हुए। शिंदे ने दावा किया कि विपक्ष सरकार के कामकाज से ईर्ष्या करता है और "पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ के सांसद और विधायक भी ईवीएम के ज़रिए ही चुने गए हैं — तो क्या उनके चुनाव अवैध हैं?
महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि संविधान के तहत स्थापित लोकतांत्रिक संस्थाओं को "अलग अलग तरीकों से निशाना बनाया जा रहा है," इसीलिए महायुति गठबंधन की ओर से ठाणे में यह मार्च आयोजित किया गया। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हर दिन नई रणनीति अपनाकर देश की प्रगति बाधित करने में जुटा है।
रोहतक में राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्च
हरियाणा के रोहतक में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में भी मार्च निकाला गया। इस प्रकार पार्टी ने एकसाथ कई राज्यों में संगठित प्रदर्शन कर विपक्ष को यह संदेश देने की कोशिश की कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध प्रदर्शन को जनता की स्वीकृति नहीं मिलेगी।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर टकराव तेज़ हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों पक्षों के एक ही दिन बड़े प्रदर्शन आयोजित करना इस राजनीतिक संघर्ष को नई तीव्रता देता है। आने वाले दिनों में संसद के शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा प्रमुख विवाद बनने की संभावना है।