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दिनारा विधायक आलोक सिंह का हमला: 'नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की पहचान बन चुकी है'

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दिनारा विधायक आलोक सिंह का हमला: 'नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की पहचान बन चुकी है'

सारांश

दिनारा विधायक और रालोमो प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने एक ही बयान में तीन मोर्चे खोले — मां यक्षिणी भवानी महोत्सव को आस्था का सम्मान, बिहार म्यूजियम की उपलब्धि को एनडीए की विरासत, और इंडी गठबंधन की रैली को दीपावली पर व्यापारियों के हितों की अनदेखी करार दिया।

मुख्य बातें

दिनारा विधायक आलोक सिंह ने 1 नवंबर 2026 को कैमूर में तीन मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
मां यक्षिणी भवानी मंदिर में महोत्सव के आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताया।
बिहार म्यूजियम के एशिया के शीर्ष संग्रहालयों में शामिल होने का श्रेय उन्होंने नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल और एनडीए सरकार को दिया।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दीपावली के समय रैली से व्यापारियों और आम जनता को नुकसान पहुँचता है।
उन्होंने कहा कि 'नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन चुकी है।'

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रदेश अध्यक्ष एवं दिनारा विधायक आलोक सिंह ने 1 नवंबर 2026 को कैमूर में मां भलुनी भवानी महोत्सव, बिहार म्यूजियम की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि और इंडी गठबंधन की रैली पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक सोच अब इंडी गठबंधन की राजनीति का स्थायी हिस्सा बन चुकी है।

मां यक्षिणी भवानी महोत्सव: आस्था और घोषणा

विधायक आलोक सिंह ने कहा कि दिनारा विधानसभा क्षेत्र में मां यक्षिणी भवानी मंदिर श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में आज भी किसी भी परिवार में विवाह होने पर सर्वप्रथम मंदिर में साड़ी चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है, जो मंदिर के प्रति अटूट आस्था का प्रमाण है।

आलोक सिंह ने बताया कि चुनाव लड़ने से पूर्व ही उन्होंने मंच से इस महोत्सव के आयोजन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए यहाँ महोत्सव घोषित किया, जिसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने इसे मां भवानी के आशीर्वाद का फल बताया।

बिहार म्यूजियम की उपलब्धि: एनडीए सरकार को श्रेय

बिहार म्यूजियम के एशिया के शीर्ष संग्रहालयों में शामिल होने पर आलोक सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, एनडीए सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हो रहे विकास का यह परिणाम है कि बिहार का संग्रहालय एशिया में अग्रणी स्थान प्राप्त कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में संग्रहालय, सड़क, अनुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर ऐसी सकारात्मक चर्चा नहीं होती थी।

इंडी गठबंधन पर हमला: राहुल गांधी को कटघरे में

इंडी गठबंधन की रैली पर टिप्पणी करते हुए आलोक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी बड़े नेता हैं, लेकिन उन्हें जमीनी हकीकत को समझना चाहिए। उन्होंने हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि जब विपक्ष जीतता है तो चुनाव आयोग को अच्छा बताता है, और हारने पर उसी पर सवाल उठाता है।

विधायक ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहार के समय व्यापारियों और आम लोगों के लिए कारोबार महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में राहुल गांधी के बयानों और राजनीतिक कार्यक्रमों से व्यापारियों तथा आम जनता को नुकसान पहुँचाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन चुकी है और देश की जनता उसकी राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।'

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि आलोक सिंह रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, जिससे उनके बयान का महत्व राज्य स्तर पर और बढ़ जाता है। आगे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाज़ी की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनडीए की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्ष को नकारात्मकता के प्रतीक के रूप में पेश किया जाता है। दीपावली के समय रैली को 'व्यापारी-विरोधी' बताना एक सोचा-समझा फ्रेमिंग है, जो व्यापारी वर्ग को एनडीए के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। हालाँकि, एमएलसी चुनावों के नतीजों की एकतरफा व्याख्या इस बयान की सबसे कमज़ोर कड़ी है — जीत और हार दोनों पक्षों पर लागू होती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि रालोमो जैसे छोटे दलों के प्रदेश अध्यक्षों के बयान, बड़े गठबंधन की नैरेटिव-सेटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आलोक सिंह ने इंडी गठबंधन पर क्या आरोप लगाए?
दिनारा विधायक आलोक सिंह ने कहा कि नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने राहुल गांधी की दीपावली के समय रैली आयोजित करने की आलोचना करते हुए इसे व्यापारियों और आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया।
मां यक्षिणी भवानी महोत्सव को लेकर विधायक ने क्या कहा?
आलोक सिंह ने बताया कि उन्होंने चुनाव लड़ने से पहले ही इस महोत्सव की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए दिनारा विधानसभा क्षेत्र के मां यक्षिणी भवानी मंदिर में महोत्सव घोषित किया।
बिहार म्यूजियम की उपलब्धि का श्रेय किसे दिया गया?
आलोक सिंह ने बिहार म्यूजियम के एशिया के शीर्ष संग्रहालयों में शामिल होने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल और एनडीए सरकार को दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी बधाई दी।
आलोक सिंह ने राहुल गांधी की किस बात की आलोचना की?
विधायक ने कहा कि राहुल गांधी को जमीनी हकीकत समझनी चाहिए। उनके अनुसार, दीपावली जैसे त्योहार पर रैली आयोजित करने से व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ता है, और चुनाव आयोग पर केवल हार होने पर सवाल उठाना दोहरा मापदंड है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) क्या है?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) बिहार में सक्रिय एक राजनीतिक दल है, जो एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। आलोक सिंह इस दल के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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