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तेजस्वी यादव की दिल्ली महारैली में हुंकार: ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो

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तेजस्वी यादव की दिल्ली महारैली में हुंकार: ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो

सारांश

रामलीला मैदान पर रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में तेजस्वी यादव ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई को 'कुरुक्षेत्र' की संज्ञा दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर देशद्रोह के मुकदमे की माँग और SIR विवाद को केंद्र में रखकर यह रैली बिहार चुनाव से पहले विपक्ष की सबसे बड़ी जनशक्ति प्रदर्शनी बन गई।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की महारैली को संबोधित किया।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की माँग की।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत बिहार से होने को लोकतंत्र पर हमला बताया।
तेजस्वी ने RSS और TCS टेंडर घोटाले का ज़िक्र करते हुए केंद्र सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी से सीधा सवाल: 'देश चुनेंगे या ज्ञानेश कुमार को?' बिहार विधानसभा चुनाव से पहले BJP को सत्ता से बाहर करने का ऐलान।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग उठाई और लोकतंत्र की रक्षा के लिए 'कुरुक्षेत्र की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया।

रामलीला मैदान में महाभारत की गूंज

तेजस्वी यादव ने महाभारत के प्रतीकों का सहारा लेते हुए कहा कि इस मैदान पर आमतौर पर रामायण के आयोजन होते हैं, लेकिन रविवार को यहाँ 'वोट चोरों के खिलाफ महाभारत' लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'महाभारत की शुरुआत रणभूमि से नहीं, बल्कि जुए से हुई थी। शकुनि ने जिस तरह अपना खेल खेला था, उसी तरह आज भी लोकतंत्र के साथ खेल हो रहा है।' उनका निशाना सीधे तौर पर सत्तारूढ़ व्यवस्था पर था।

ज्ञानेश कुमार और SIR पर निशाना

तेजस्वी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की माँग करते हुए कहा कि ऐसा किया जाए 'ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति देश के लोकतंत्र को मिटाने और संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की हिम्मत न करे।' उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत बिहार से होने का ज़िक्र किया और इसे 'लोकतंत्र की जननी बिहार' पर हमला बताया। साथ ही, उन्होंने TCS टेंडर घोटाले का भी उल्लेख किया।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएँ 'न्याय करने के बजाय निर्णय लेने का काम कर रही हैं।' उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में सबसे खतरनाक चीज़ तानाशाह नहीं, बल्कि सरकार की कठपुतली बन चुकी संस्थाएँ होती हैं।' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी कहा कि 'जो लोग अंग्रेजों के सामने डरते थे, वे आज देशभक्ति का प्रमाणपत्र बाँट रहे हैं और तय कर रहे हैं कि कौन वोट देगा और कौन नहीं।'

मोदी से सीधा सवाल

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक सवाल किया, 'उन्हें देश चुनना है या ज्ञानेश कुमार को?' यह बयान गठबंधन की राजनीतिक मुहिम की धार को उजागर करता है, जो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक अहम हो जाती है। तेजस्वी ने कहा कि यह लड़ाई देश के मतदाताओं और 'वोट चोरों' के बीच है।

बिहार चुनाव और गठबंधन की राजनीति

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई दे रही है। तेजस्वी ने ऐलान किया कि 'बिहार की जनता भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबक सिखाएगी और उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।' गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन का गठन भी बिहार से ही जुड़ा बताया जाता है, और तेजस्वी ने महारैली में मौजूद लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि 'किसी भी परिस्थिति में देश के लोकतंत्र को मिटने नहीं देंगे।' यह रैली विपक्षी एकजुटता के बड़े प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ SIR विवाद को 'वोट चोरी' के व्यापक आख्यान में तब्दील किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर देशद्रोह के मुकदमे की माँग कानूनी रूप से विवादास्पद है, लेकिन राजनीतिक रूप से तेज़धार — यह विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं की 'स्वतंत्रता' के सवाल पर एकजुट करती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि SIR का मुद्दा अल्पसंख्यक और दलित मतदाताओं की सूची से संभावित बाहरी की आशंका से जुड़ा है — जो RJD का कोर वोट बैंक है। यानी यह लड़ाई सिर्फ लोकतंत्र की नहीं, बल्कि चुनावी अस्तित्व की भी है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने रामलीला मैदान की महारैली में क्या माँग की?
तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की माँग की। उनका कहना था कि ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि भविष्य में कोई भी संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
इंडिया गठबंधन की यह महारैली क्यों बुलाई गई?
यह महारैली मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आयोजित की गई। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है, और इसकी शुरुआत बिहार से करना जानबूझकर किया गया कदम है।
तेजस्वी यादव ने महाभारत का उल्लेख क्यों किया?
तेजस्वी ने कहा कि रामलीला मैदान पर आज रामायण नहीं, बल्कि 'वोट चोरों के खिलाफ महाभारत' लड़ी जा रही है। उन्होंने शकुनि के जुए के खेल की तुलना मौजूदा राजनीतिक हालात से करते हुए 'कुरुक्षेत्र की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया।
बिहार चुनाव में इस रैली का क्या महत्व है?
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह रैली इंडिया गठबंधन की जनशक्ति प्रदर्शनी के रूप में देखी जा रही है। तेजस्वी ने ऐलान किया कि बिहार की जनता BJP को सत्ता से बाहर करेगी, और SIR विवाद को अपनी चुनावी मुहिम का केंद्रीय मुद्दा बनाया है।
TCS टेंडर घोटाले का ज़िक्र क्यों किया गया?
तेजस्वी यादव ने TCS टेंडर घोटाले का उल्लेख सत्तारूढ़ व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के आरोपों के संदर्भ में किया। उन्होंने इसे RSS और केंद्र सरकार के खिलाफ अपने व्यापक हमले का हिस्सा बनाया, हालाँकि इस पर विस्तृत तथ्यात्मक विवरण रैली में नहीं दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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