रामलीला मैदान 'चलो दिल्ली' महारैली से पहले BJP का पोस्टर वार, 'ठगों का मेला' बताया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली इकाई ने 1 नवंबर 2026 को विपक्षी इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान महारैली से ठीक पहले एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विवादास्पद पोस्टर साझा कर तीखा हमला बोला। पोस्टर में इस आयोजन को 'ठगों का मेला' करार दिया गया और आरोप लगाया गया कि इसका उद्देश्य देश में अफवाहें एवं अराजकता फैलाना है।
BJP का पोस्टर: क्या कहा गया
BJP दिल्ली ने एक्स पर साझा पोस्टर में लिखा, 'आज दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर से ठगों का मेला लगने वाला है, जिसका मकसद अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए देश-विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाहें और अराजकता फैलाना है।' पोस्टर में इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं की तस्वीरों के साथ एक कॉकरोच की छवि भी शामिल की गई है।
पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा था: 'ठगबंधन फिल्म प्रेजेंट्स — ठगों का मेला। निर्देशक — राहुल गांधी, निर्माता — अखिलेश यादव। मकसद — देश में अफवाहें और अराजकता फैलाना।' पार्टी ने इस रैली को लगातार जनहित के विरुद्ध बताया है।
विपक्ष का 'चलो दिल्ली' मार्च: पृष्ठभूमि
इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित 'चलो दिल्ली' मार्च मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान तक पहुँचा। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के विरोध में आयोजित किया गया है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी माँग कर रहा है।
गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने इस रैली को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' आंदोलन का नाम दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं का आरोप है कि मतदाताओं के वोट चुराए जा रहे हैं और लोकतंत्र व संविधान को खतरा है।
दोनों पक्षों के तर्क
BJP का कहना है कि यह रैली विशुद्ध रूप से राजनीतिक जमीन बचाने का प्रयास है और इसमें भाग लेने वाले नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। पार्टी के अनुसार, SIR एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसे अनावश्यक रूप से विवादास्पद बनाया जा रहा है।
दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया ब्लॉक ने इस आंदोलन को लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया है। अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में खामियाँ हैं जो वंचित वर्गों के मताधिकार को प्रभावित कर सकती हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी सुधारों को लेकर बहस तेज है और SIR जैसी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। BJP और इंडिया ब्लॉक के बीच यह तीखी नोकझोंक आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने आख्यान को मजबूत करने में जुटे हैं।