26 अक्टूबर 2026
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खड़गे विवाद: बिहार कांग्रेस करेगी राज्यव्यापी प्रदर्शन, 1 नवंबर दिल्ली रैली में 7,000 कार्यकर्ता

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खड़गे विवाद: बिहार कांग्रेस करेगी राज्यव्यापी प्रदर्शन, 1 नवंबर दिल्ली रैली में 7,000 कार्यकर्ता

सारांश

खड़गे विवाद अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। बिहार कांग्रेस ने राज्यव्यापी प्रदर्शन और 1 नवंबर की दिल्ली रैली में 7,000 कार्यकर्ता भेजने का ऐलान किया है। राजेश राम का BJP पर सीधा आरोप — खड़गे के अपमान पर चुप्पी, लेकिन छोटी सी घटना पर राजनीतिक तूफान।

मुख्य बातें

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 26 अक्टूबर 2026 को खड़गे विवाद पर BJP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में पूरे बिहार में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
1 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली में बिहार से 7,000 कार्यकर्ता भेजे जाएंगे।
राजेश राम ने स्पष्ट किया कि खड़गे की बैठक में बाधा डालने वाला व्यक्ति कांग्रेस का सदस्य नहीं था और उसकी पहचान अभी तक अज्ञात है।
राजेश राम ने हल्द्वानी सभा के घटनाक्रम का हवाला देते हुए BJP की चुप्पी पर सवाल उठाए।

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े राजनीतिक विवाद पर पार्टी का पक्ष रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस खड़गे के समर्थन में पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन करेगी और 1 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली में राज्य से 7,000 कार्यकर्ता भेजेगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक भाषण के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाधा डाले जाने की घटना राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति कांग्रेस का सदस्य या कार्यकर्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर तस्वीरें देखने के बावजूद उस व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है, और यदि वह कांग्रेस से जुड़ा होता, तो उसकी पहचान अब तक हो चुकी होती।

BJP पर दोहरे मापदंड का आरोप

राजेश राम ने हल्द्वानी में खड़गे की सभा से जुड़े पुराने घटनाक्रम का हवाला देते हुए BJP पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि उस समय सभा स्थल को 'अपवित्र' बताकर 'शुद्धिकरण' की बात सामने आई थी, फिर भी BJP नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से कोई सार्थक प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा, 'यदि लोकतंत्र में किसी की भावनाएं आहत होने पर प्रतिक्रिया देना ज़रूरी है, तो दोनों घटनाओं पर समान रूप से प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी।'

राजेश राम ने यह भी आरोप लगाया कि खड़गे की तस्वीरों पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियाँ की जा रही हैं, और BJP नेता व समर्थक राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कई बार आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को दूसरों की भावनाओं का सम्मान उसी अनुपात में करना चाहिए, जिस अनुपात में वे अपने नेताओं के सम्मान की अपेक्षा रखते हैं।

खड़गे के समर्थन में बिहार की तैयारी

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी खड़गे के समर्थन में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली में बिहार से 7,000 सदस्यों को भेजने की तैयारी पूरी की जा रही है। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक व्यवहार और विरोध के तरीकों को लेकर कांग्रेस की व्यापक आपत्ति को दर्शाता है।

लोकतांत्रिक अधिकार पर कांग्रेस का रुख

राजेश राम ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना कांग्रेस का लोकतांत्रिक अधिकार है और वह किसी के भी विरोध करने के अधिकार पर सवाल नहीं उठाती। हालाँकि उनका जोर इस बात पर था कि विरोध का तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने खड़गे को देश के वरिष्ठतम और अनुभवी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनसे जुड़े विवाद को समझने से पहले पूरे घटनाक्रम का निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है।

आगे क्या होगा

बिहार कांग्रेस के राज्यव्यापी प्रदर्शन और दिल्ली रैली में हज़ारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी से यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है। 1 नवंबर 2026 की रैली पार्टी के लिए खड़गे के इर्द-गिर्द एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर बनेगी, और बिहार की राजनीतिक सक्रियता इस संदर्भ में केंद्रीय भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' प्रकरण का सीधा संदर्भ इस बार तर्क को ठोस ज़मीन देता है। असली सवाल यह है कि क्या 7,000 कार्यकर्ताओं की रैली खड़गे के लिए वास्तविक जन-समर्थन की अभिव्यक्ति है, या यह पार्टी संगठन को आंतरिक रूप से सक्रिय रखने की रणनीतिक कवायद है — बिहार में जहाँ कांग्रेस का ज़मीनी आधार सीमित है। 'बाधा डालने वाला अज्ञात व्यक्ति' वाला बयान भी ध्यान देने योग्य है: पहचान अभी तक न होना और सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी उपलब्ध होना — यह कहानी अभी अधूरी है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खड़गे विवाद क्या है और बिहार कांग्रेस इसे लेकर क्यों प्रदर्शन कर रही है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक भाषण के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाधा डाले जाने की घटना को राजनीतिक विवाद बना दिया गया है। बिहार कांग्रेस का कहना है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है और वह खड़गे के समर्थन में राज्यव्यापी प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
1 नवंबर की दिल्ली रैली में बिहार से कितने कार्यकर्ता जाएंगे?
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली रैली में बिहार से 7,000 कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी है। यह रैली खड़गे के समर्थन में पार्टी की एकजुटता प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
खड़गे की बैठक में बाधा डालने वाला व्यक्ति कौन था?
राजेश राम ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति कांग्रेस का कार्यकर्ता या सदस्य नहीं था। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर तस्वीरें उपलब्ध होने के बावजूद उस व्यक्ति की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
राजेश राम ने BJP पर दोहरे मापदंड का आरोप किस आधार पर लगाया?
राजेश राम ने हल्द्वानी में खड़गे की सभा के दौरान सभा स्थल के कथित 'शुद्धिकरण' प्रकरण का हवाला दिया, जिस पर BJP नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि यदि एक पक्ष की भावनाएं आहत होने पर प्रतिक्रिया ज़रूरी है, तो दोनों मामलों में समान व्यवहार होना चाहिए।
बिहार कांग्रेस के प्रदर्शन का स्वरूप क्या होगा?
बिहार कांग्रेस पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इसके अलावा 1 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली केंद्रीय रैली में बिहार से 7,000 कार्यकर्ता भेजे जाएंगे। राजेश राम के अनुसार, यह विरोध केवल एक बयान तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यवहार और विरोध के तरीकों को लेकर पार्टी की व्यापक आपत्ति को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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