27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खड़गे की सभा में RSS कार्यकर्ता के दखल पर दीपेंद्र हुड्डा का तीखा हमला, बोले — यह अपमान बर्दाश्त नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खड़गे की सभा में RSS कार्यकर्ता के दखल पर दीपेंद्र हुड्डा का तीखा हमला, बोले — यह अपमान बर्दाश्त नहीं

सारांश

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खड़गे की मुंबई सभा में RSS कार्यकर्ता के कथित दखल को 'अपमान' बताकर तीखी निंदा की। साथ ही 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली को हरियाणा में कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ बड़ा जनादेश बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में खड़गे की सभा में आरएसएस कार्यकर्ता के कथित दखल की निंदा की।
हुड्डा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं — उनका सम्मान होना चाहिए।
हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल 14,000 वोटों का अंतर था — हुड्डा ने इसे कथित गड़बड़ी का सबूत बताया।
1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रैली होगी, जिसमें हरियाणा से रिकॉर्ड भागीदारी का दावा किया गया।
एआईसीसी पर्यवेक्षक नीतू वर्मा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर रद्द करने और वोटर लिस्ट में नाम बहाल करने की माँग की।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं के कथित दखल की कड़ी निंदा की। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सभा में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने घुसपैठ कर खड़गे का अपमान किया, जो एक राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष हैं।

मुख्य घटनाक्रम

हुड्डा ने कहा, 'आपने खुद देखा कि वे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनकी एक उम्र भी है। उस बात का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कोई आरएसएस का कार्यकर्ता उनकी मीटिंग में पहुँच जाए, यह किस तरीके से सही है? क्या यह कोई तरीका है? मैं समझता हूँ कि बात इस पर होनी चाहिए कि समाज में सम्मान बना रहना चाहिए।'

उन्होंने यह भी कहा कि खड़गे से उम्र में बहुत छोटे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का व्यवहार करना उचित नहीं है। हमारे समाज में बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा रही है — घर में भी यदि कोई इतने बुजुर्ग व्यक्ति के साथ इस तरह से पेश आए, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाता।

भाजपा और आरएसएस पर आरोप

कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि सभा में जिस आरएसएस कार्यकर्ता ने यह हरकत की, वह पूरी तरह गलत थी। उन्होंने कहा, 'भाजपा और आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता भी इस तरह की हरकतें करते हैं। यह मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है और हम इस हरकत की निंदा करते हैं।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी गठबंधन और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

1 नवंबर की रैली और हरियाणा मुद्दा

हुड्डा ने इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में होने वाली रैली का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में हरियाणा से रिकॉर्ड भागीदारी होगी। उनके अनुसार, हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच पूरे प्रदेश में मात्र 14,000 वोटों का अंतर था। हुड्डा ने आरोप लगाया कि यह रैली वोट चोरी के खिलाफ, चुनाव आयोग और भाजपा की कथित मिलीभगत के विरोध में और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली के लिए आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के आह्वान पर आयोजित इस रैली में सबसे अधिक लोग हरियाणा से शामिल होंगे। हुड्डा ने यह भी कहा कि 18 अक्टूबर को राहुल गांधी के आह्वान पर जब कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुँचे थे, तो माहौल देखकर सरकार घबराई हुई है।

एआईसीसी पर्यवेक्षक की माँगें

एआईसीसी पर्यवेक्षक नीतू वर्मा ने कहा, 'महिलाएं, पुरुष और नौजवान सभी भारी संख्या में उस दिन वहाँ पहुँचेंगे। दिल्लीभर में मार्च और रैली होगी। दिल्ली से आवाज़ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री आवास तक जाएगी कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हमें चाहिए, एसआईआर को रद्द कीजिए और 13 हज़ार करोड़ लोगों के नाम जो आपने वोटर लिस्ट से काटे हैं, उसे दोबारा जोड़ें।'

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा है। आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस साक्ष्य के 'वोट चोरी' जैसे आरोप चुनावी जवाबदेही की माँग को कमज़ोर कर सकते हैं। आगे की राजनीतिक दिशा काफी हद तक 1 नवंबर की रैली की सफलता पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक कथा का हिस्सा है जो 1 नवंबर की रैली को व्यापक जनाधार देने की कोशिश है। खड़गे की 'उम्र और पद' का हवाला देकर भावनात्मक एकजुटता जगाने की रणनीति तो स्पष्ट है, लेकिन सभा में वास्तव में क्या हुआ, इसका कोई स्वतंत्र सत्यापन सामने नहीं आया है। हरियाणा में 14,000 वोटों के अंतर को 'वोट चोरी' की दलील के रूप में पेश करना राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, परंतु तीन में से दो चुनाव आयुक्तों के कथित पत्र जैसे गंभीर दावों की कानूनी और संस्थागत अनुवर्ती कार्रवाई अभी तक अस्पष्ट है। बिना ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य के इस आख्यान की विश्वसनीयता सीमित रहेगी।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेंद्र हुड्डा ने किस घटना की निंदा की?
हुड्डा ने आरोप लगाया कि मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा में आरएसएस कार्यकर्ता घुस आए और उनका अपमान किया। हुड्डा ने इसे बुजुर्ग और एक राष्ट्रीय दल के प्रमुख के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करार दिया।
1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर है?
यह रैली कथित वोट चोरी, चुनाव आयोग और भाजपा की कथित मिलीभगत के विरोध में तथा निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली की माँग को लेकर आयोजित की जा रही है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के आह्वान पर इसका आयोजन होगा, जिसमें हरियाणा से सबसे अधिक भागीदारी का दावा किया गया है।
हरियाणा चुनाव को लेकर कांग्रेस का क्या आरोप है?
कांग्रेस का आरोप है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच पूरे प्रदेश में मात्र 14,000 वोटों का अंतर था। हुड्डा ने दावा किया कि तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने लिखकर दिया कि चुनाव में गड़बड़ियाँ हो रही थीं।
एआईसीसी पर्यवेक्षक नीतू वर्मा की क्या माँगें हैं?
नीतू वर्मा ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द करने और वोटर लिस्ट से कटे 13 हज़ार करोड़ लोगों के नाम बहाल करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह आवाज़ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के आवास तक पहुँचाई जाएगी।
क्या भाजपा या आरएसएस ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
अभी तक भाजपा या आरएसएस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना 26 अक्टूबर 2026 को सामने आई, और दोनों पक्षों के आधिकारिक बयानों का इंतज़ार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले