पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 20% से अधिक नहीं बढ़ेगा: हरदीप पुरी का स्पष्ट ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 27 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की मौजूदा 20 प्रतिशत सीमा को और बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। दक्षिण गोवा में आयोजित 29वें ऊर्जा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बातचीत के दौरान मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जैव ईंधन को लेकर जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।
मंत्री का सीधा बयान
एक सीधे सवाल के जवाब में पुरी ने कहा, 'जहाँ तक जैव ईंधन की बात है, हाँ, पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य था और फिलहाल इसे 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।' उन्होंने ई20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर प्रसारित नकारात्मक सूचनाओं को एक 'गढ़ी हुई कहानी' करार दिया।
ई20 से देश को ₹1.60 लाख करोड़ की बचत
मंत्री ने दावा किया कि ई20 पेट्रोल की शुरुआत से देश को ₹1.60 लाख करोड़ की बचत हुई है, जिसमें से ₹1.40 लाख करोड़ सीधे किसानों के पास लौटे हैं। उन्होंने कहा, 'किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता बन गए हैं।' यह कार्यक्रम आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि कच्चा तेल भारत के चालू खाता घाटे के प्रमुख कारणों में से एक है।
इंजन खराब होने के दावों पर सरकार का पक्ष
ई20 ईंधन से इंजन को नुकसान पहुँचने के दावों पर पुरी ने कहा, 'मुझे लगता है कि मिश्रित ईंधन के परिवहन में समस्या थी — इसके लिए इस्तेमाल होने वाले टैंकरों का उपयोग अन्य चीजों के लिए भी किया जाता था।' उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यक्ति ने इंजन खराब होने का दावा किया था और संबंधित वाहन निर्माता कंपनी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। मंत्री ने तर्क दिया, 'हर दिन 6 करोड़ वाहन पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने आते हैं — अगर इंजन खराब हो रहे होते, तो हर जगह वाहन बंद पड़े दिखाई देते।'
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मिली अनुमति
गौरतलब है कि सड़क परिवहन मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2026 को एक दिन पहले ही केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन की अधिसूचना जारी की। इसके तहत ई100 (लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल) तक ईंधन पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अनुमति दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार एक ओर 20 प्रतिशत मिश्रण को ही अंतिम सीमा बता रही है और दूसरी ओर फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के लिए नियामक रास्ता खोल रही है।
आगे की राह
पुरी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि निकट भविष्य में एथेनॉल मिश्रण की सीमा 20 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ेगी, लेकिन फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मिली मंजूरी दीर्घकालिक नीति की दिशा संकेत करती है। यह देखना होगा कि ई20 से जुड़ी भ्रामक जानकारियों की शिकायतों पर सरकार जन-जागरूकता के लिए क्या कदम उठाती है।