खड़गे की सभा में RSS कार्यकर्ता के घुसने पर भड़के दीपेंद्र हुड्डा, अपमान की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा में कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं के घुसने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। हुड्डा ने इस घटना को खड़गे का सीधा अपमान बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।
हुड्डा का बयान — सम्मान की दुहाई
हुड्डा ने कहा, 'आपने खुद देखा कि वे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनकी एक उम्र भी है। उस बात का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कोई आरएसएस का कार्यकर्ता उनकी मीटिंग में पहुंच जाए, यह किस तरीके से सही है? मैं समझता हूं कि बात इस पर होनी चाहिए कि समाज में सम्मान बना रहना चाहिए।'
उन्होंने यह भी कहा कि खड़गे से उम्र में बहुत छोटे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार करना किसी भी रूप में उचित नहीं है। उन्होंने भारतीय समाज की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि घर में भी यदि कोई इतने बुजुर्ग व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार करे, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाता।
भाजपा-RSS पर सीधा आरोप
हुड्डा ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभा में जिस RSS कार्यकर्ता ने इस तरह की हरकत की, वह पूरी तरह गलत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और RSS के कुछ कार्यकर्ता इस प्रकार की हरकतें करते हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा, 'यह मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है और हम इस हरकत की निंदा करते हैं।'
1 नवंबर की रैली और हरियाणा का मुद्दा
हुड्डा ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली का भी ज़िक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा से इस रैली में रिकॉर्ड भागीदारी होगी। उनके अनुसार हरियाणा विधानसभा चुनाव में BJP और कांग्रेस के बीच पूरे प्रदेश में महज 14,000 वोटों का अंतर था।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ियाँ हुईं और दावा किया कि तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने लिखित में गड़बड़ियों की बात कही थी। यह रैली कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ, चुनाव आयोग और BJP की मिलीभगत के आरोपों के विरोध में तथा देश में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बहाल करने के लिए आयोजित बताई जा रही है।
एआईसीसी पर्यवेक्षक की माँगें
एआईसीसी (AICC) पर्यवेक्षक नीतू वर्मा ने कहा कि महिलाएं, पुरुष और नौजवान भारी संख्या में रैली में पहुंचेंगे। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त पद से इस्तीफा देना चाहिए, SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया रद्द की जाए और कथित तौर पर वोटर सूची से काटे गए 13 हजार करोड़ लोगों के नाम दोबारा जोड़े जाएं।
आगे क्या
गौरतलब है कि 18 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली पहुंचे कार्यकर्ताओं की भारी संख्या के बाद विपक्ष का यह तेवर और तीखा हुआ है। 1 नवंबर की रैली इंडिया ब्लॉक के लिए एक बड़े प्रदर्शन की कोशिश मानी जा रही है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी दोनों की अपील पर जनता को एकजुट करने की योजना है।