हल्द्वानी शुद्धिकरण पर खड़गे का BJP पर प्रहार: '25 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, PM और गृह मंत्री चुप क्यों?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 3 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में दलित रैली के बाद हुए शुद्धिकरण की घटना पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल किया कि 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो प्रधानमंत्री और न ही केंद्रीय गृह मंत्री ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है।
खड़गे का सीधा आरोप
खड़गे ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर याद दिलाया कि हल्द्वानी की इस शर्मनाक घटना पर सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा, 'इसके उलट कार्रवाई लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर कर दी गई, क्योंकि उन्होंने शुद्धिकरण की शर्मनाक घटना पर प्रेस वार्ता कर आवाज उठाई थी।'
खड़गे ने आगे कहा, 'यह कार्रवाई बहुत अजीब है। राहुल गांधी लगातार समाज के हर वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन BJP ये सब करके हमारी पार्टी को डरा नहीं सकती। आज ये घटना सिर्फ मुझसे नहीं, बल्कि देश के दलित वर्ग से जुड़ी हुई है।'
छुआछूत और संवैधानिक प्रावधान
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस घटना को सीधे तौर पर छुआछूत का मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में शुद्धिकरण करके दलितों को यह संदेश दिया गया कि वे 'नीची जाति' के हैं। खड़गे ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के महाड़ आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय दलितों को जातिगत भेदभाव के कारण पानी पीने तक से वंचित रखा जाता था। उन्होंने याद दिलाया कि इसी को देखते हुए डॉ. अंबेडकर ने संविधान में अनुच्छेद 17 शामिल किया, जो अस्पृश्यता को पूर्णतः प्रतिबंधित करता है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना
खड़गे ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की चुप्पी पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'चाहे राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना हो या दलितों और महिलाओं पर अत्याचार का मामला हो, ये दोनों किसी भी बुरी घटना पर कभी कुछ नहीं बोलते।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की आँखों के सामने ऐसी घटना हो और कोई एक्शन न लिया जाए, तो देश के बाकी हिस्सों में क्या हो रहा होगा, यह सोचने वाली बात है।
BJP पर जाति-धर्म के आधार पर विभाजन का आरोप
खड़गे ने BJP को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'BJP बातें तो बड़ी-बड़ी करती है, लेकिन पीड़ितों की आवाज उठाने वाले को ही दबाने की कोशिश करती है।' उन्होंने पार्टी से अपील की कि देश के लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बाँटना बंद किया जाए। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दलित अधिकारों को लेकर देशभर में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
आगे क्या
कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठाने का संकेत दिया है। खड़गे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में और तेज़ होने की संभावना है। BJP की ओर से अब तक इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।