गिरिराज सिंह का हमला: कांग्रेस की मॉक पार्लियामेंट नौटंकी, राहुल गांधी अराजकता फैलाना चाहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को पटना में विपक्ष पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी देश में भ्रम फैलाकर अराजकता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उनकी यह टिप्पणी मौलाना अरशद मदनी की मस्जिद संबंधी बयानबाजी, विपक्ष द्वारा प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग और उत्तर प्रदेश से घुसपैठियों को हटाने पर आँकड़े माँगने के मुद्दों पर आई।
मस्जिद विवाद पर गिरिराज का पलटवार
मस्जिद गिराए जाने संबंधी मौलाना अरशद मदनी की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले अवैध ज़मीन पर कब्जा करके निर्माण करना और फिर उसे हटाए जाने पर देश में विद्वेष फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने इसे 'चोरी और सीनाजोरी' करार देते हुए सवाल किया कि किसी को भी मनमाने ढंग से कहीं भी मस्जिद बनाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस व मुलायम सिंह की सरकारों और बिहार में लालू यादव की सरकार के दौरान वोट बैंक की राजनीति के चलते ऐसे अवैध निर्माणों को खुली छूट दी गई। उनके अनुसार, यह देश का दुर्भाग्य है कि राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के मुद्दों को बढ़ावा दिया गया।
मॉक पार्लियामेंट को बताया नौटंकी
मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट को गिरिराज सिंह ने सीधे तौर पर 'नौटंकी' बताया। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह का आयोजन करके विपक्ष आखिर किसे क्या संदेश देना चाहता है।
चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि विपक्ष त्रिपुरा की ग्राम सभा चुनावों और असम में कहाँ सफल हुआ। उनका आरोप था कि कांग्रेस और राहुल गांधी चुनावी नतीजों पर आत्मचिंतन करने के बजाय देश में भ्रम की स्थिति बनाने में लगे हैं और विपक्ष का असली उद्देश्य अराजकता उत्पन्न करना है।
बैलेट पेपर की माँग पर निशाना
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग और इससे जुड़े एमएलसी चुनावों पर उठ रहे सवालों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष अपनी नाकामियों और जनता के बीच घटते जनाधार से ध्यान हटाने की कोशिश में है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस के प्रति जनता में असंतोष नहीं होता, तो कर्नाटक में उसकी सरकार बैलेट पेपर से हुए चुनाव के ज़रिये सत्ता में नहीं आती।
मंत्री का कहना था कि विपक्ष अपनी खामियों को स्वीकारने के बजाय चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल उठा रहा है, जिसके पीछे शुद्ध राजनीतिक मंशा है।
घुसपैठियों पर अखिलेश के सवाल का जवाब
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश से घुसपैठियों को हटाने संबंधी आँकड़े माँगे जाने पर गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है और घुसपैठियों को देश में रहने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पलटकर सवाल किया कि इन्हें आखिर कब तक छिपाया जा सकता है।
SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की असली लड़ाई घुसपैठियों को मतदान का अधिकार दिलाने की है। यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन और ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर बहस एक बार फिर राजनीतिक परिदृश्य में तेज़ हो गई है। गिरिराज सिंह की यह प्रतिक्रिया सत्तारूढ़ दल की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्ष के हर कदम को जनता के सामने बेनकाब करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक तकरार और तीखी होने की संभावना है।