गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'मानसिक संतुलन खो चुके हैं, 1,000 कार्यकर्ता 150 करोड़ नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 15 अक्टूबर 2026 को पटना में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और एसआईआर प्रक्रिया के विरुद्ध कांग्रेस के हालिया विरोध प्रदर्शनों को निशाने पर लेते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और उन्हें लगता है कि 1,000-2,000 एनएसयूआई कार्यकर्ता देश की 150 करोड़ की आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
गिरिराज सिंह के मुख्य आरोप
पटना में पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। सत्ता की उनकी भूख इतनी बढ़ गई है कि उन्हें लगता है कि 1,000-2,000 एनएसयूआई कार्यकर्ता 150 करोड़ की आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को शायद यह एहसास नहीं है कि कांग्रेस 9 राज्यों में 30 वर्षों से अधिक समय से सत्ता से बाहर है।
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि हाल ही में तीन विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों में कांग्रेस कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई और कई उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। उनके अनुसार, राहुल गांधी को इन परिणामों की भी जानकारी नहीं है।
त्रिपुरा और विदेशी तख्तापलट का संदर्भ
केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ साढ़े चार हजार ग्राम सभाओं में कांग्रेस को महज 14 सीटें मिलीं, फिर भी पार्टी इससे सबक लेने को तैयार नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लग रहा है कि वे 'आग लगा देंगे, तो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह तख्तापलट हो जाएगा', हालाँकि गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि ऐसा होने वाला नहीं है।
नेतृत्व पर सवाल
गिरिराज सिंह ने यह भी दावा किया कि जनता के बीच राहुल गांधी की विश्वसनीयता लगातार गिर रही है। कथित तौर पर एक हालिया आंतरिक बैठक के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ही राहुल गांधी के नेतृत्व को अस्वीकार करने की बात कही है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन — पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कुछ समय से लगातार 'वोट चोरी' का मुद्दा उठा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच टकराव तेज हो चुका है।
आगे क्या
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध चुनावी राज्यों में जनमत को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा है। दोनों दलों के बीच सीईसी और एसआईआर मुद्दे पर यह टकराव आने वाले हफ्तों में और तीव्र होने की संभावना है।