गिरिराज सिंह का तीखा हमला: राहुल गांधी चुनाव हारने पर ईवीएम और आयोग को दोष देते हैं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने 27 सितंबर 2026 को नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि विपक्षी नेता केवल तब चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं जब उनकी पार्टी चुनाव हारती है। मंत्री का यह बयान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), भारतीय चुनाव आयोग और इंडिया ब्लॉक की बैठक पर विपक्ष की टिप्पणियों के संदर्भ में आया।
ईवीएम विवाद पर गिरिराज का पलटवार
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा, 'केरल और हिमाचल में चुनाव जीतने पर राहुल गांधी कहते हैं कि सब ठीक है। वहीं, जहां चुनाव हार जाते हैं, वहां चुनाव आयोग व ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते और कहते हैं कि वोट चोरी हो गई।' उन्होंने यह भी दावा किया कि वोट चोरी राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने की है — हालाँकि यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसे कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं मिला है।
सोनिया गांधी पर नागरिकता का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने एक विवादास्पद दावा करते हुए कहा कि सोनिया गांधी बिना नागरिकता प्राप्त किए भारत में 15 वर्षों तक रहीं और उन्होंने मतदान भी किया। उन्होंने आगे कहा, 'सोनिया गांधी को जेल भेजा जाना चाहिए।' गौरतलब है कि यह आरोप पूर्व में भी भाजपा नेताओं द्वारा उठाया जाता रहा है और कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रेरित बताकर खारिज करती आई है।
ओवैसी को 'जिन्ना' की संज्ञा
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के SIR को 'बैकडोर एनआरसी' करार दिया था। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ओवैसी 'एक और जिन्ना' हैं जो सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या उन्हें कानून की जानकारी नहीं होनी चाहिए? क्या वे संविधान को नहीं मानते?' यह टिप्पणी तत्काल राजनीतिक विवाद का विषय बन सकती है।
नागपुर दौरे का संदर्भ
गिरिराज सिंह नागपुर में इंडियन कॉटन समिट 2026 में शामिल होने के लिए पहुँचे थे, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मिलकर किया गया था। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'कपास हमारे किसानों की मेहनत, देश की अर्थव्यवस्था और टेक्सटाइल उद्योग की मजबूत नींव है।' उन्होंने कपास उत्पादकता, किसानों की आय और सस्टेनेबल खेती को बढ़ावा देने पर जोर देने की बात कही।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक की बैठकों के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं द्वारा सोनिया गांधी की नागरिकता और ईवीएम को लेकर इस प्रकार के आरोप नई बात नहीं हैं — आलोचकों का कहना है कि यह असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है, जबकि सत्ता पक्ष इसे जनता के सामने तथ्य रखना बताता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और SIR विवाद पर राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं।