23 सितंबर 2026
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राहुल गांधी का ECI पर तीखा हमला: 'वोट की चोरी देशद्रोह है, समय आएगा — बख्शेंगे नहीं'

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राहुल गांधी का ECI पर तीखा हमला: 'वोट की चोरी देशद्रोह है, समय आएगा — बख्शेंगे नहीं'

सारांश

राहुल गांधी ने एक्स पर ECI को 'देशद्रोह' का दोषी बताया और खुली चेतावनी दी — 'बख्शेंगे नहीं।' अखबारी रिपोर्ट में दो आयुक्तों की 10 महीनों में 14 आपत्तियों का दावा था, जिसे ECI ने खारिज किया। संवैधानिक संस्था पर इस स्तर का हमला विपक्षी राजनीति में नया तेवर है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 23 सितंबर 2026 को एक्स पर ECI पर 'वोट की चोरी' और 'देशद्रोह' का आरोप लगाया।
गांधी ने चेतावनी दी — 'समय आएगा, हम आपको पकड़ेंगे, आप बच नहीं पाएंगे।' विवाद की जड़ एक अखबारी रिपोर्ट है जिसमें दावा था कि 10 महीनों में 14 मौकों पर दो आयुक्तों ने फैसलों पर आपत्ति जताई।
ECI ने उसी दिन रिपोर्ट खारिज की; सूत्रों ने कहा केवल 'टिप्पणियाँ' थीं, औपचारिक असहमति नहीं।
यह विवाद SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर पहले से चल रही बहस के बीच और तेज़ हुआ है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और चुनाव अधिकारियों पर सीधा निशाना साधा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद के बीच गांधी ने आरोप लगाया कि आयोग में गड़बड़ी हो रही है और खुली चेतावनी दी — 'समय आएगा, हम आपको बख्शेंगे नहीं।'

एक्स पर राहुल गांधी का बयान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, 'वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। इसे अंजाम देने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP), RSS और चुनाव आयोग ने देशद्रोह का काम किया है। इंसाफ जरूर होगा।'

गांधी ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें उन्होंने कहा, 'मैं चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों से साफ कह रहा हूँ — आप जो कर रहे हैं, वह गलत है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'यह देशद्रोह है। समय आएगा! हम आपको पकड़ेंगे, आप बच नहीं पाएंगे।'

विवाद की जड़: SIR और कथित आपत्तियाँ

यह विवाद एक प्रमुख समाचार पत्र की उस रिपोर्ट के बाद तेज़ हुआ जिसमें दावा किया गया था कि 10 महीनों के दौरान 14 मौकों पर दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार इन आपत्तियों में यह आरोप भी शामिल था कि नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता सूची से नाम हटाने से जुड़े कुछ मामलों में आयुक्तों को जानकारी से बाहर रखा गया था।

गौरतलब है कि SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं। यह मामला उसी पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिससे विवाद और गहरा हो गया।

चुनाव आयोग का खंडन

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उसी दिन उक्त रिपोर्ट को खारिज कर दिया। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि किसी भी चुनाव आयुक्त ने आयोग के किसी फैसले पर कोई औपचारिक असहमति दर्ज नहीं कराई थी। सूत्रों के अनुसार दोनों आयुक्तों ने केवल कुछ टिप्पणियाँ की थीं, जिनकी बाद में आयोग ने समीक्षा की।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और अन्य विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने में लगातार आक्रामक हुए हैं। राहुल गांधी की भाषा — 'देशद्रोह', 'इंसाफ होगा', 'बख्शेंगे नहीं' — संवैधानिक संस्थाओं के संदर्भ में असाधारण रूप से तीखी है।

आगे क्या

BJP की जवाबी प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी की विशिष्ट टिप्पणियों पर अलग से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों द्वारा संसद या न्यायालय में कोई औपचारिक कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन '14 आपत्तियों' वाले दावे की स्वतंत्र पुष्टि या विस्तृत खंडन अभी सामने नहीं आया — यही अस्पष्टता इस पूरी बहस को और उलझाती है। चुनावी संस्थाओं में जनविश्वास की लड़ाई लंबे समय से महज़ आरोप-प्रत्यारोप तक सिमटी रही है; असली ज़रूरत पारदर्शी और सत्यापन-योग्य जाँच की है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने 23 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर ECI पर 'वोट की चोरी' और 'देशद्रोह' का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि 'समय आएगा, हम आपको बख्शेंगे नहीं।' उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें चुनाव आयोग और अधिकारियों को सीधे संबोधित किया।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ECI ने उसी दिन उक्त रिपोर्ट को खारिज कर दिया। सूत्रों ने कहा कि किसी आयुक्त ने औपचारिक असहमति दर्ज नहीं कराई थी — दोनों ने केवल कुछ टिप्पणियाँ की थीं जिनकी आयोग ने समीक्षा की।
राहुल गांधी के इस बयान का राजनीतिक असर क्या होगा?
यह बयान विपक्ष और BJP के बीच चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर चल रही जंग को और तेज़ कर सकता है। BJP की जवाबी प्रतिक्रिया अभी बाकी है और SIR मुद्दे पर संसद या न्यायालय में औपचारिक कदम उठाए जाने की भी संभावना है।
क्या पहले भी चुनाव आयोग पर इस तरह के आरोप लगे हैं?
विपक्षी दलों द्वारा ECI की निष्पक्षता पर सवाल उठाना नया नहीं है, लेकिन किसी प्रमुख विपक्षी नेता द्वारा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को सीधे 'देशद्रोह' से जोड़ना राजनीतिक बयानबाजी में एक असाधारण और विवादास्पद स्वर माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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