इंडिया गठबंधन बैठक पर सियासी संग्राम: महिपाल ढांडा बोले — विपक्ष के पास न नेतृत्व, न विजन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 8 जून को इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दल इस बैठक को विफल करार दे रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों के लिए एक अहम मंच बता रहे हैं।
ढांडा का विपक्ष पर हमला
हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने इंडिया गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह कोई वास्तविक राजनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि दलों का राजनीतिक अस्तित्व बचाने का प्रयास मात्र है। उनके अनुसार, गठबंधन में शामिल दलों के पास न तो कोई साझा नीति है, न स्पष्ट नेतृत्व और न ही कोई ठोस राजनीतिक दिशा। ढांडा ने कहा कि यह गठबंधन केवल एक सहारे की छड़ी की तरह है, जिसके सहारे विभिन्न दल अपनी राजनीतिक साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
ढांडा ने दावा किया कि देश का भविष्य विपक्षी दल नहीं, बल्कि भारत की जनता तय करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता का व्यापक समर्थन एवं आशीर्वाद प्राप्त है।
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना
पश्चिम बंगाल की राजनीति का उल्लेख करते हुए ढांडा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भी हमला बोला। उनका आरोप है कि क्षेत्रीय दलों में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है और कई नेता अपने दलों में तानाशाही रवैया अपनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि TMC के कई विधायक और सांसद पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं, जिसके कारण पार्टी के भीतर लगातार असंतोष सामने आ रहा है।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने BJP और उसके सहयोगियों पर पलटवार किया। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी ही पार्टी को तोड़कर नई राजनीतिक राह चुनी, उन्हें राजनीतिक नैतिकता पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। दत्त ने आरोप लगाया कि BJP में आज कई ऐसे नेता शामिल हैं, जिन्हें कभी स्वयं BJP और प्रधानमंत्री मोदी भ्रष्टाचार के प्रतीक बताया करते थे।
दत्त ने यह भी दावा किया कि जिन नेताओं पर कभी ईडी और सीबीआई की कार्रवाई होती थी, वे BJP में शामिल होने के बाद जाँच एजेंसियों के दायरे से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने इसे BJP की 'वॉशिंग मशीन राजनीति' करार दिया। दत्त ने कहा कि इंडिया गठबंधन का उद्देश्य बेरोज़गारी, महंगाई, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने उठाना है।
समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी इंडिया गठबंधन की बैठक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस से स्पष्ट हो गया कि विपक्ष किन मुद्दों को लेकर गंभीर है और गठबंधन के एजेंडे तथा उसमें शामिल दलों की भूमिका जल्द ही सबके सामने स्पष्ट हो जाएगी।
राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं को लेकर SP प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान राम के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। उनके अनुसार, यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
आगे क्या
यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में सामने आई है जब इंडिया गठबंधन अपनी रणनीति और एजेंडे को लेकर आंतरिक समन्वय बना रहा है। गौरतलब है कि गठबंधन की बैठकों के बाद हर बार सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से बयानों की तीव्रता बढ़ती रही है। अब देखना होगा कि क्या विपक्ष अपने साझा मुद्दों पर एकजुट रहकर सरकार को जवाबदेह बनाने में सफल होता है।