मानसून सत्र में विपक्ष से सहयोग की अपील: केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने कहा — रोड़ा अटकाना देशहित में नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने 16 जुलाई को नई दिल्ली में कहा कि संसद के मानसून सत्र में सभी विपक्षी दलों को सकारात्मक सहयोग देना चाहिए और हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में कोई कदम उठाते हैं, विपक्ष की ओर से राजनीतिक दुर्भावना से बाधाएँ खड़ी की जाती हैं।
मानसून सत्र और विपक्षी अवरोध
वर्मा ने कहा कि संसद का सत्र देश की जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और हर मुद्दे पर विधिवत चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष की ओर से चर्चा के दौरान अलग-अलग तरह के अवरोध पैदा किए जाते हैं।' उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि यदि कोई मुद्दा उठाना हो तो उसे संसदीय परंपराओं के अनुरूप उठाया जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की जनता इन सब घटनाक्रमों को ध्यान से देख रही है।
राहुल गांधी को सकारात्मक राजनीति की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्हें सकारात्मक राजनीति करने की हिदायत दी। वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड में छात्रों के साथ संवाद करने जा रहे हैं और इससे पहले वे विदेशों में भी इस प्रकार के कई संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें यही सुझाव देना चाहूंगा कि वो सकारात्मक राजनीति करें तो उनके लिए बेहतर रहेगा।'
परिसीमन बिल पर विपक्ष से समर्थन की अपील
परिसीमन बिल के संदर्भ में वर्मा ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के हित में लाया जा रहा है, इसलिए इसे पारित कराने में किसी भी प्रकार का अवरोध उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'भगवान सभी विपक्षी दलों को सदबुद्धि दें कि वे इस बिल का समर्थन करें।' उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से भी आत्मचिंतन करते हुए इस विधेयक का समर्थन करने की सलाह दी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और एसआईटी जांच
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार है, जो इस मामले में पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं का स्वागत
कांवड़ यात्रा पर अपनी बात रखते हुए वर्मा ने कहा कि वे स्वयं बदायूं से आते हैं, जहाँ पूरे महीने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की सरकार की ओर से कांवड़ियों को हर प्रकार की सुविधाएँ दी जाती हैं। श्रद्धालु गंगाजल लेकर भोले बाबा को अर्पित करते हैं और यह आस्था की यात्रा राज्य सरकार की प्राथमिकता में है।
मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सहयोग बनाम टकराव का यह पुराना प्रश्न एक बार फिर केंद्र में आ गया है, और आने वाले दिनों में परिसीमन बिल सहित कई अहम विधेयकों पर सदन की कार्यवाही की दिशा तय होगी।