नारी शक्ति वंदन अधिनियम: BJP का दिल्ली में मशाल जुलूस, विपक्ष पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप
सारांश
नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ एक विधेयक नहीं — BJP के लिए यह विपक्ष को कटघरे में खड़ा करने और 2029 से पहले महिला मतदाताओं को लामबंद करने का राजनीतिक हथियार भी बन चुका है। संसद में महिलाओं की 14.4% भागीदारी इस बहस को और धार देती है।
मुख्य बातें
BJP ने 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मशाल जुलूस निकाला।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में सात बार पेश हुआ और हर बार खारिज किया गया।
BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने माँग की कि अधिनियम का क्रियान्वयन 2029 के चुनावों से पहले हो।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 14.4% है।
दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पश्चिम बंगाल में TMC की हार और BJP की सरकार बनने का दावा किया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के समर्थन में एक बड़ा मशाल जुलूस निकाला। इस प्रदर्शन के दौरान BJP नेताओं ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण बिल को बार-बार अवरुद्ध करने का गंभीर आरोप लगाया और माँग की कि महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों में अब और देरी स्वीकार्य नहीं है। संसद में महिलाओं की मात्र 14.4% भागीदारी के बीच यह रैली राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण संदेश देती है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जुलूस को संबोधित करते हुए कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
यह बहस अनुत्तरित है। संसद में महिलाओं की 14.4% भागीदारी एक तथ्यात्मक विफलता है जिसका श्रेय किसी एक दल को नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था को जाता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 एक संवैधानिक संशोधन है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करता है। यह 2023 में संसद में पारित हुआ, लेकिन इसका क्रियान्वयन परिसीमन और जनगणना प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर है।
BJP का मशाल जुलूस किस उद्देश्य से निकाला गया?
BJP ने 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में यह जुलूस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और 2029 के चुनावों से पहले इसके क्रियान्वयन की माँग के लिए निकाला। पार्टी ने विपक्ष पर बिल को ऐतिहासिक रूप से अवरुद्ध करने का आरोप भी लगाया।
संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कितना है?
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के अनुसार, भारतीय संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 14.4 प्रतिशत है। यह आँकड़ा वैश्विक औसत से काफी कम है और इसी को आधार बनाकर महिला आरक्षण की माँग की जाती है।
स्वाति मालीवाल ने BJP क्यों ज्वाइन की?
स्वाति मालीवाल हाल ही में AAP छोड़कर BJP में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और संविधान उन्हें यह अधिकार देता है। उन्होंने AAP पर झूठ और अफवाहें फैलाने का आरोप भी लगाया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम कब लागू होगा?
BJP सांसद कमलजीत सहरावत की माँग है कि अधिनियम 2029 के आम चुनावों से पहले लागू हो। हालाँकि, इसका क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर है, जिसकी समयसीमा अभी तय नहीं है।