विपक्ष की हंगामेबाजी पर वित्त मंत्री सीतारमण की तीखी टिप्पणी

Click to start listening
विपक्ष की हंगामेबाजी पर वित्त मंत्री सीतारमण की तीखी टिप्पणी

सारांश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के हंगामे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की गैरजिम्मेदाराना हरकतें जनता को उम्मीद नहीं देतीं। क्या ये कदम देशहित में हैं?

Key Takeaways

  • विपक्ष का हंगामा संसद के कार्य को बाधित करता है।
  • निर्मला सीतारमण ने जनता को उम्मीद देने की आवश्यकता पर बल दिया।
  • सभी दलों को देशहित में एकजुट होना चाहिए।

नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य जनता को उम्मीद देने में असफल हैं और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान, वित्त मंत्री ने राहुल गांधी और अन्य सदस्यों द्वारा संसद परिसर की सीढ़ियों पर चाय पीने के मामले पर भी कटाक्ष किया।

सीतारमण ने आगे कहा, "अन्य देशों में उत्पन्न चुनौतियों के कारण भारत में कुछ कठिनाइयाँ आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य तैयारियों के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन विपक्ष जनता को उम्मीद नहीं दे रहा है और ऐसा करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें इसकी निंदा करनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हैं, जबकि वे एलपीजी पर चर्चा की मांग करते हैं। यही है हमारा विपक्ष।"

सीतारमण ने कहा कि दूसरे देशों द्वारा उत्पन्न संकट के कारण सभी दलों को देशहित में एकजुट होना चाहिए था और सरकार का समर्थन करते हुए जनता में उम्मीद जगानी चाहिए थी। नागरिकों की परेशानियों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पूरी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने केवल हंगामा करना ही अपना कार्य मान लिया है। यह दुखद है।

इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह तय हुआ कि वित्त मंत्री अपना उत्तर देंगी और इसके अलावा निजी विधेयक पर चर्चा होगी। लेकिन कांग्रेस हंगामा करके अपने सदस्यों के निजी विधेयक का समय भी समाप्त करना चाहती है।"

रिजिजू ने कहा, "अगर इनके नेता (राहुल गांधी) नहीं बदलते, तो कांग्रेस के अन्य सदस्य भी नहीं बदल रहे हैं। आज खुद लोकसभा स्पीकर ने बार-बार कहा कि दो दिन के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद स्थिति सुधरनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस के सदस्य सुधारने के बजाय संसद में अनुशासनहीनता कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता नाटक कर रहे हैं।"

रिजिजू ने कहा, "कांग्रेस पार्टी में अब कोई ऐसा नहीं बचा है, जो अपने नेता (राहुल गांधी) को समझा सके। क्योंकि उनके नेता के साथ-साथ सभी कांग्रेसी सदस्यों का भी आचरण बिगड़ गया है।" उन्होंने बताया कि विपक्ष के सदस्यों के पास अभी भी समय है, उन्हें सुधार लाना चाहिए, वरना जनता फिर से सजा देगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि विपक्ष का हंगामा न केवल संसद के कार्य को बाधित करता है, बल्कि इससे जनता की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। सभी दलों को देशहित में एकजुट होकर काम करना चाहिए।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

वित्त मंत्री ने विपक्ष के हंगामे पर क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष की हंगामेबाजी को गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि यह जनता को उम्मीद नहीं देती।
किस मुद्दे पर वित्त मंत्री ने विपक्ष की आलोचना की?
उन्होंने विपक्ष के सदस्यों द्वारा संसद परिसर की सीढ़ियों पर चाय पीने की आदत पर भी कटाक्ष किया।
Nation Press