राहुल गांधी ने निलंबन समाप्ति के बाद कांग्रेस सांसदों से की अनौपचारिक चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का सांसदों से संवाद
- निलंबन के बाद की स्थिति पर चर्चा
- विपक्ष की भूमिका का महत्व
- संसद में सक्रियता के लिए प्रतिबद्धता
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक अनौपचारिक बैठक में उन सांसदों से संवाद किया जिनका निलंबन हाल ही में समाप्त हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने उनके साथ चाय-कॉफी पर चर्चा की और पूरे मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की।
यह बैठक उस समय आयोजित की गई जब लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के प्रस्ताव पर कांग्रेस के आठ सांसदों का निलंबन वापस लिया गया। इससे पहले, बजट सत्र के दौरान हुए हंगामे के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने खेद प्रकट किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राहुल गांधी ने सभी सांसदों से निलंबन के दौरान की घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। सांसदों ने उन्हें विस्तार से बताया कि उस समय सदन में क्या हुआ और किस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुई।
निलंबन हटाए गए सांसदों में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत यदाओराव पाडोले, एस. वेंकटेश और डीन कुरियाकोस शामिल हैं। इन सभी सांसदों को 3 फरवरी को बजट सत्र के दौरान हंगामे के आरोप में निलंबित किया गया था। आरोप था कि उन्होंने सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की और स्पीकर की ओर कागज फेंके।
निलंबन के समाप्त होने के बाद, कांग्रेस सांसदों ने इस निर्णय का स्वागत किया और पार्टी नेतृत्व के साथ-साथ अध्यक्ष का धन्यवाद किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
सांसदों का मानना है कि संसद में बहस और चर्चा के जरिए ही जनता की आवाज सामने आती है, इसलिए विपक्ष का सक्रिय रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहेंगे और जहां आवश्यकता होगी, वहां विरोध भी दर्ज कराएंगे।