संसद में निलंबित 8 सांसदों का निलंबन कल समाप्त होगा, सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
सारांश
Key Takeaways
- सर्वदलीय सहमति: संसद की कार्यवाही को सुचारु रखने के लिए सांसदों का निलंबन समाप्त किया जा सकता है।
- राजनीतिक संवाद: बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक साथ आकर निर्णय लिया।
- निलंबन के कारण: हंगामा और अनुचित भाषा के प्रयोग के चलते सांसदों को निलंबित किया गया था।
- प्रस्ताव का महत्व: यदि प्रस्ताव पारित होता है, तो सांसदों को फिर से सदन में भाग लेने की अनुमति होगी।
- सांसदों की सूची: निलंबित सांसदों में प्रमुख कांग्रेस और सीपीएम नेता शामिल हैं।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संसद में निलंबित किए गए आठ सांसदों का निलंबन मंगलवार को समाप्त किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को संसद में एक प्रस्ताव लाया जाएगा जिसके द्वारा इन सांसदों का निलंबन रद्द किया जाएगा। सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी।
सूत्रों के मुताबिक, इस सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने भाग लिया और इस पर विचार किया गया कि सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निलंबन को समाप्त किया जाना चाहिए। बैठक में यह भी तय हुआ कि निलंबित सांसदों को आगे से सदन में मर्यादा बनाए रखने और अनुचित भाषा के प्रयोग से बचने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को संसद में निलंबन को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यह प्रस्ताव विपक्ष द्वारा पेश किया जा सकता है, जिसका निर्णय सदन की सहमति से लिया जाएगा। हाल में सदन की कार्यवाही में हंगामे और अनुचित भाषा के प्रयोग के कारण इन आठ सांसदों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विपक्ष ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी।
सोमवार को हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई और अंततः इस बात पर सहमति बनी कि सदन के सुचारु संचालन और राजनीतिक सहमति का माहौल बनाए रखने के लिए निलंबन को वापस लिया जाना चाहिए। यदि प्रस्ताव पारित होता है, तो मंगलवार से ये सभी सांसद फिर से सदन की कार्यवाही में भाग ले सकेंगे।
गौरतलब है कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और बजट सत्र के शेष समय के लिए अध्यक्ष की ओर से कागज फेंकने के आरोप में 7 कांग्रेस सांसद और 1 सीपीएम सांसद निलंबित किए गए थे। निलंबित सांसदों में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।