लोकसभा में हंगामे की राजनीति पर BJP सांसद खटाना का राहुल गांधी को कड़ा जवाब

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लोकसभा में हंगामे की राजनीति पर BJP सांसद खटाना का राहुल गांधी को कड़ा जवाब

सारांश

BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने राहुल गांधी पर लोकसभा में हंगामे की राजनीति कर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस से आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि जनता सकारात्मक राजनीति करने वाले नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी।

Key Takeaways

  • BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने 24 अप्रैल को राहुल गांधी पर लोकसभा में हंगामे की राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • राहुल गांधी पर आरोप है कि उनके किताबी विचार और संसदीय आचरण एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
  • बार-बार संसदीय व्यवधान से महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित होती है और जनता के मुद्दे अनसुने रह जाते हैं।
  • खटाना ने कांग्रेस से आत्ममंथन कर नेताओं को जिम्मेदार भूमिका के लिए प्रेरित करने की अपील की।
  • खटाना ने विश्वास जताया कि भारत की जनता आगामी समय में सकारात्मक राजनीति करने वाले नेताओं को प्राथमिकता देगी।
  • यह बयान संसद के अगले सत्र से पहले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे संसद में जानबूझकर हंगामा खड़ा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं। खटाना ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा कि विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होनी चाहिए, न कि केवल व्यवधान डालने वाली।

राहुल गांधी पर खटाना का सीधा आरोप

गुलाम अली खटाना ने कहा, "राहुल गांधी अपनी किताब में जो मुद्दे उठाते हैं, उनका उनके व्यवहार से कोई मेल नहीं। एक जिम्मेदार विपक्षी नेता की भूमिका सरकार को तथ्यों और तर्कों से घेरना होती है, न कि संसद की कार्यवाही को ठप करना।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा बहस और संवाद का मंच है, जहां बार-बार हंगामे से न केवल कामकाज रुकता है बल्कि जनता के मूलभूत मुद्दे भी अनसुने रह जाते हैं।

खटाना ने यह भी कहा कि राहुल गांधी अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनका उद्देश्य केवल राजनीतिक माहौल बनाना होता है, ठोस समाधान खोजना नहीं। उनके अनुसार, इस तरह की राजनीति से विपक्ष की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।

लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी

BJP सांसद ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वह सत्तापक्ष को जवाबदेह बनाने का काम करता है। लेकिन जब विपक्ष केवल शोर-शराबे और नारेबाजी तक सिमट जाए, तो उसका मूल उद्देश्य ही कमजोर पड़ जाता है।

उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र और अन्य महत्वपूर्ण सत्रों में बार-बार होने वाले व्यवधानों के कारण कई अहम विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती। देश के विकास से जुड़े नीतिगत फैसले संसद में ही लिए जाते हैं, और यदि वहां अराजकता हो तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है।

कांग्रेस से आत्ममंथन की अपील

खटाना ने कांग्रेस पार्टी को भी आईना दिखाते हुए कहा कि पार्टी को अपने नेताओं को जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि कांग्रेस अपने आचरण में सुधार लाए और संसद में सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करे, तो संसदीय कार्यवाही अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बन सकती है।

गौरतलब है कि पिछले कई सत्रों में विपक्ष द्वारा लोकसभा और राज्यसभा दोनों में व्यवधान के कारण कई घंटों का कामकाज ठप रहा है। संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, बार-बार स्थगन से करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि व्यर्थ होती है।

जनता की भूमिका और आगे की राह

गुलाम अली खटाना ने कहा कि भारत की जनता अब हर नेता और पार्टी के आचरण को बारीकी से देख और परख रही है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च निर्णायक होती है और वह यह तय करती है कि कौन सा नेता उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जनता उन नेताओं को प्राथमिकता देगी जो सकारात्मक राजनीति करते हैं, संसद में रचनात्मक भूमिका निभाते हैं और देश के विकास में सार्थक योगदान देते हैं। संसद के मानसून सत्र से पहले यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और देखना होगा कि कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

Point of View

बल्कि एक गहरे संसदीय संकट की ओर इशारा करता है — जहां विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन संसद का बहुमूल्य समय बर्बाद होता रहता है। विडंबना यह है कि राहुल गांधी जो किताबों और भाषणों में लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, उन पर ही संसदीय प्रक्रिया बाधित करने का आरोप है। मुख्यधारा की मीडिया अक्सर इस बहस को केवल BJP बनाम कांग्रेस के चश्मे से देखती है, जबकि असली सवाल यह है कि संसद में हर घंटे के स्थगन की कीमत करदाताओं को चुकानी पड़ती है। जनता को चाहिए जवाब, न जुबानी जंग।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में जानबूझकर हंगामा खड़ा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करते हैं। उनके अनुसार राहुल गांधी के मुद्दे उनके अपने व्यवहार से मेल नहीं खाते।
लोकसभा में बार-बार हंगामे से क्या नुकसान होता है?
लोकसभा में बार-बार हंगामे के कारण महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पाती और देश के विकास से जुड़े नीतिगत फैसले प्रभावित होते हैं। इससे करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि भी व्यर्थ होती है।
खटाना ने कांग्रेस को क्या सलाह दी?
खटाना ने कांग्रेस से आत्ममंथन करने और अपने नेताओं को संसद में जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उनका मानना है कि इससे संसदीय कार्यवाही अधिक प्रभावी बन सकती है।
लोकतंत्र में विपक्ष की क्या भूमिका होनी चाहिए?
लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार को तथ्यों और तर्कों के आधार पर जवाबदेह बनाना होती है। केवल शोर-शराबे और नारेबाजी से विपक्ष का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है।
क्या राहुल गांधी की किताब और उनके संसदीय आचरण में विरोधाभास है?
BJP सांसद खटाना के अनुसार राहुल गांधी की किताब में उठाए गए मुद्दे उनके संसदीय व्यवहार से मेल नहीं खाते। यह आरोप है कि वे किताब में लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन संसद में उसी प्रक्रिया को बाधित करते हैं।
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