राहुल गांधी: प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं, इसलिए सदन में नहीं आ पा रहे हैं
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नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने देश में सिलेंडर संकट के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए गहन हंगामा किया। इस दौरान, विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार को कठोर आलोचना का सामना कराया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि वह खुद घबराए हुए हैं। वे एपस्टीन और अडानी मामलों को लेकर चिंतित हैं, इसलिए वह सदन में नहीं आ पा रहे हैं। कल आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। जब वह खुद नहीं आ रहे, तो देश को क्या संदेश दे रहे हैं?"
सदन के बाहर राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री सदन में कितनी बार उपस्थित होते हैं? 2014 से 2024 तक के रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। उन्हें ईद के चांद की तरह ही दिखते हैं। पहले दिन केवल 10 मिनट और आखिरी दिन केवल 10 मिनट के लिए उपस्थित होते हैं।"
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, "भारत जिसे 'सफलतापूर्व' कहता है, हम वही चाहते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। ऊर्जा संकट के संदर्भ में यह तथाकथित सफलता कहाँ है? लोग परेशान हैं, होटल बंद हो रहे हैं और घरेलू बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इन समस्याओं का समाधान करना बेहद जरूरी है। उड़ानें सीमित हैं, हवाई किराए बढ़ रहे हैं, ये सभी वास्तविकताएँ हैं, फिर भी प्रधानमंत्री बिना किसी ठोस निर्णय या हस्तक्षेप के बयानबाजी कर रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने कहा, "हमें अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भी विचार करना चाहिए। भारत का पक्ष वैश्विक समुदाय में रखना आवश्यक है। सरकार ने भारत की गुटनिरपेक्षता की दीर्घकालिक नीति को त्याग दिया है, जिससे विदेश मामलों में अनिश्चितता बढ़ी है। हमें देश और अपनी पार्टी के हितों को ध्यान में रखते हुए अन्य देशों को अपना संदेश देना होगा। अगर आप विदेश यात्राओं पर नजर डालें तो मौजूदा प्रधानमंत्री ने कई दौरे किए हैं, लेकिन लोकसभा सत्र के दौरान बहुत कम समय के लिए उपस्थित रहे हैं और कोई जवाब नहीं दिया।