अश्विनी वैष्णव का आरोप: कांग्रेस ने महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध किया
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है।
उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध किया है।'
यह बयान उस समय आया जब संसद में महिला आरक्षण मुद्दे और उससे संबंधित विधायी विकास को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को लेकर एनडीए और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस चल रही है।
सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए है, जबकि विपक्षी दलों ने इसके लागू होने के तरीके और समय पर सवाल उठाए हैं।
वैष्णव के बयान ने दोनों पक्षों के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है, जिसमें महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा में विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा था कि पार्टी को देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उसने महिला आरक्षण का समर्थन नहीं किया।
चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने कहा था कि कांग्रेस के प्रस्तावों का उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 के बाद तक टालना है।
उन्होंने इसे प्रक्रिया को रोकने की कोशिश बताते हुए कहा कि सरकार इसे सफल नहीं होने देगी।
गृह मंत्री ने विपक्षी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि देशभर की महिलाएं इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा, 'जब आप बाहर जाएंगे तो आपको देश की माताओं और बहनों की प्रतिक्रिया समझ में आएगी और मतदाता जवाब मांगेंगे।'
गृह मंत्री ने आगे कहा कि जहां कांग्रेस का ध्यान चुनावी लाभ पर है, वहीं सरकार का ध्यान प्रतिनिधित्व और भागीदारी सुनिश्चित करने पर है।