30 जुलाई 2026
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महिला आरक्षण विधेयक: UP विधानसभा में निंदा प्रस्ताव, BJP ने सपा-कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

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महिला आरक्षण विधेयक: UP विधानसभा में निंदा प्रस्ताव, BJP ने सपा-कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

सारांश

UP विधानसभा का यह विशेष सत्र महज़ एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि 2027 चुनावों से पहले BJP की रणनीतिक चाल है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 30 अप्रैल 2026 को एक विशेष एक-दिवसीय सत्र आयोजित किया गया, जिसमें 131वें संविधान संशोधन विधेयक — जिसे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के नाम से जाना जाता है — की संसद में हार के संबंध में निंदा प्रस्ताव पर चर्चा की गई। लखनऊ स्थित विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्रियों ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर महिला आरक्षण को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया।

सत्र का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह विशेष सत्र 131वें संविधान संशोधन विधेयक की केंद्रीय संसद में पराजय के बाद बुलाया गया। इस विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना था। BJP नेताओं के अनुसार, सपा और कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन के दलों ने इस विधेयक को पारित होने से रोका। गौरतलब है कि यह विधेयक 2029 में लागू होने वाले परिसीमन के बाद प्रभावी होना था।

मंत्रियों के बयान

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा,

राष्ट्र प्रेस
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