राम मंदिर चंदा विवाद पर सरकार जवाब दे: अधीर रंजन चौधरी, बोले — विरोध लोकतंत्र का अधिकार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने 3 अगस्त को मुर्शिदाबाद में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में किए गए विरोध-प्रदर्शन का पुरज़ोर बचाव किया और केंद्र सरकार से राम मंदिर चंदा विवाद पर सार्वजनिक जवाब माँगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद में विपक्ष का विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और इसे दबाने की कोशिश जनता स्वीकार नहीं करेगी।
राम मंदिर चंदा विवाद: सरकार पर जवाबदेही का दबाव
चौधरी ने कहा कि यदि राम मंदिर के चंदे में हजारों करोड़ रुपये की कथित अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो देशभर के नागरिकों का यह अधिकार है कि वे सवाल पूछें। उन्होंने कहा, "विरोध-प्रदर्शन के माध्यम से केवल यह दिखाने की कोशिश की गई कि कथित तौर पर वहाँ क्या हुआ।" उनके अनुसार यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि चंदे में गड़बड़ी हुई या नहीं, और यदि सरकार इन सवालों से ध्यान भटकाने के लिए नए बहाने तलाश रही है, तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। गौरतलब है कि यह विवाद संसद सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति का केंद्र बन चुका है।
पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क: चौधरी की चिंता
पश्चिम बंगाल के वर्धमान और हावड़ा से STF द्वारा संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने माना कि राज्य में आतंकवादी नेटवर्क ने जड़ें जमा ली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कोई भी हो, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसी गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जाए। उन्होंने वर्धमान के खागरागढ़ में पूर्व में हुई विस्फोट की घटना का हवाला देते हुए कहा कि उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। जाँच एजेंसियों की कार्रवाई से कथित तौर पर इस नेटवर्क के पाकिस्तान से जुड़े संबंधों का धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है। चौधरी ने यह भी कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या मज़हब नहीं होता और ऐसी घटनाओं से समाज में सांप्रदायिक विभाजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
पप्पू यादव पर हमले की निंदा
सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए चौधरी ने कहा कि हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी के विचार पसंद नहीं आते, तो उसका समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि हिंसा के ज़रिए। उनके अनुसार किसी के घर पर हमला करना सीधा अन्याय है और ऐसे मामलों के खिलाफ जनता को सतर्क और जागरूक रहना चाहिए।
बृजभूषण बरी: महिला पहलवानों के न्याय पर सवाल
महिला पहलवानों के उत्पीड़न मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर चौधरी ने गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद स्थिति है और इससे समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। जिन महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया, उन्हें न्याय के लिए जंतर-मंतर पर आंदोलन और अनशन करना पड़ा। चौधरी ने यह भी कहा कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों की तैयारी प्रशासन करता है, और यदि जाँच सही ढंग से नहीं होती तो न्याय प्रभावित होता है। उनके अनुसार, कथित अन्याय के बावजूद यदि आरोपी बरी हो जाते हैं तो इससे महिलाओं के न्याय-व्यवस्था पर विश्वास को गहरी चोट पहुँचती है।
आगे क्या
राम मंदिर चंदा विवाद, पश्चिम बंगाल में आतंकी गिरफ्तारियाँ और बृजभूषण प्रकरण — ये तीनों मुद्दे संसद और सड़क दोनों पर विपक्ष की राजनीतिक आक्रामकता को नई धार दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सरकार की चुप्पी इन सवालों को और तीखा बनाती जा रही है, और आने वाले सत्र में ये मुद्दे और अधिक उग्र रूप ले सकते हैं।