राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर अधीर रंजन चौधरी का हमला: 'दोहरे मापदंड बर्दाश्त नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 16 जून को मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर दानपात्र घोटाले को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया और दोषियों के विरुद्ध तत्काल ठोस कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर हुई इस घपलेबाजी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़
चौधरी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर के श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान दिया था। उनके अनुसार, दशकों के लंबे संघर्ष के बाद मंदिर निर्माण की खुशी में करोड़ों लोगों ने अपनी कमाई का हिस्सा स्वेच्छा से योगदान किया था। ऐसे में दानपात्र में गड़बड़ी का सामने आना उन सभी श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ सीधा विश्वासघात है।
सिस्टम की खामियों पर सवाल
उन्होंने तीखे अंदाज़ में कहा कि यदि देश में राम मंदिर के दानपात्र में भी घपलेबाजी संभव है, तो इससे व्यवस्था की कमज़ोरी का सहज अंदाज़ा लगाया जा सकता है। चौधरी ने आरोप लगाया कि एक ओर आस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता होती है और दूसरी ओर वही लोग नैतिकता व मूल्यों का पाठ पढ़ाते हैं — यह दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है।
केंद्र सरकार पर जवाबदेही की माँग
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जाँच और कार्रवाई करना केंद्र सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि दोषियों को चाहे जहाँ भी वे हों, खोजकर निकाला जाए और शीघ्र कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट होगा कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है।
भारत-फ्रांस संबंधों पर भी बोले चौधरी
इस अवसर पर चौधरी ने भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फ्रांस के साथ भारत के संबंध वर्षों पुराने और प्रगाढ़ हैं। उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जैक शिराक की भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि G-7 और G-8 जैसे सम्मेलनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी कोई नई उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्थापित राजनयिक परंपरा है जिसका श्रेय लेने की कोई आवश्यकता नहीं।
इस पूरे विवाद में अब सभी की नज़रें केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।