6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर डिंपल यादव का आरोप: सरकार ने जानबूझकर सच्चाई दबाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर डिंपल यादव का आरोप: सरकार ने जानबूझकर सच्चाई दबाई

सारांश

राम मंदिर के दानपात्र में कथित घपलेबाजी पर सपा ने मोर्चा खोल दिया है। डिंपल यादव ने सरकार पर सच छुपाने का आरोप लगाया, तो अवधेश प्रसाद ने सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जाँच की माँग की। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक केंद्र बन चुका है।

मुख्य बातें

सपा सांसद डिंपल यादव ने 16 जून 2026 को आरोप लगाया कि सरकार को राम मंदिर दानपात्र घोटाले की जानकारी थी और उसे जानबूझकर दबाया गया।
डिंपल यादव ने स्वतंत्र जाँच समिति (ज्यूरी) गठित करने की माँग की; साथ ही मंदिर कॉरिडोर निर्माण में भूमि अधिग्रहण की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम से ही इस मामले की जाँच होनी चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है।
सपा नेता अबू आजमी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण में कथित तौर पर 27 लाख नाम काटे जाने पर भी डिंपल यादव ने पारदर्शिता की माँग की।

समाजवादी पार्टी (सपा) की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने 16 जून 2026 को मैनपुरी में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्र में हुई कथित घपलेबाजी की जानकारी सरकार को पहले से थी, लेकिन इसे जानबूझकर छुपाने की कोशिश की गई। उन्होंने माँग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए एक स्वतंत्र जाँच समिति (ज्यूरी) गठित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

डिंपल यादव के मुख्य आरोप

डिंपल यादव ने कहा कि यह मामला केवल दान की घपलेबाजी तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, जहाँ-जहाँ सरकार मंदिरों में कॉरिडोर निर्माण करा रही है, वहाँ भी घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की ज़मीन निर्माण के नाम पर ली गई है, क्या उन्हें उचित मुआवज़ा मिला है और सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

सांसद ने कहा, 'इन सभी सवालों का जवाब तब तक नहीं मिलेगा जब तक कि एक स्वतंत्र जाँच समिति पूरे मामले की पड़ताल नहीं करती।'

सपा के अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

सपा नेता अबू आजमी ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के दान में घपलेबाजी होना अत्यंत शर्मनाक है और जो लोग राम का नाम लेकर इस तरह का कृत्य कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को इस घटना ने गहरी ठेस पहुँचाई है। उनके अनुसार यह मामला किसी एक प्रदेश का नहीं, बल्कि देशभर के करोड़ों आस्थावानों से जुड़ा है। उन्होंने माँग की कि चूँकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से ही राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था, इसलिए दानपात्र घोटाले की जाँच भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम से ही कराई जानी चाहिए।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल

डिंपल यादव ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार इस प्रक्रिया में 27 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस सॉफ्टवेयर के आधार पर यह चयन किया जा रहा है और क्या इसमें किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने माँग की कि इस मामले में भी पारदर्शिता लाई जाए और जिला कार्यालयों द्वारा जारी सूची की स्वतंत्र समीक्षा हो।

अखिलेश यादव के 'आखिरी चुनाव' बयान पर सफाई

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'आखिरी चुनाव' वाले बयान पर डिंपल यादव ने कहा कि यह बयान पश्चिम बंगाल में आगज़नी की घटनाओं और हाल ही में शिक्षा मंत्री के कार्यालय में लगी आग के संदर्भ में दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ी है।

आगे क्या होगा

सपा नेताओं की माँगों के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। विपक्षी दलों के दबाव में न्यायिक जाँच की माँग तेज़ होती दिख रही है, जो आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इसे नकारना सरकार के लिए भी कठिन होगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दानपात्र घोटाला क्या है?
राम मंदिर के दानपात्र में कथित वित्तीय अनियमितता का यह मामला हाल ही में सामने आया है, जिसमें दान की राशि के साथ हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं। सपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस पर स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
डिंपल यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार को दानपात्र घोटाले की जानकारी पहले से थी, लेकिन इसे जानबूझकर छुपाया गया। उन्होंने एक स्वतंत्र जाँच समिति गठित करने की माँग की है।
सपा ने जाँच के लिए क्या माँग रखी है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने माँग की है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम इस मामले की जाँच करे, क्योंकि राम मंदिर का निर्माण भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से ही संभव हुआ था। डिंपल यादव ने एक स्वतंत्र ज्यूरी की माँग की है।
मतदाता सूची विवाद से इस मामले का क्या संबंध है?
डिंपल यादव ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में कथित तौर पर 27 लाख नाम काटे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे एक अलग लेकिन समान रूप से गंभीर पारदर्शिता का सवाल बताया।
क्या केंद्र सरकार या ट्रस्ट ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी तक केंद्र सरकार या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सपा नेताओं के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले