जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र ओम पांडेय की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
जबलपुर के जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (JEC) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर के छात्र ओम पांडेय का शव 16 सितंबर 2026 को रांझी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई खबर
पुलिस के अनुसार, घटना के समय ओम पांडेय अपने हॉस्टल कमरे में अकेले थे, क्योंकि उनके दोनों रूममेट बाहर गए हुए थे। जब रूममेट लौटे तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खोलने पर उन्होंने ओम को फंदे से लटका हुआ पाया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल रांझी थाना पुलिस को सूचित किया।
यह हॉस्टल गांधी व्यायामशाला के समीप स्थित है। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलहानी ने बताया कि कथित तौर पर छात्र ने अपनी शर्ट का फंदा बनाकर यह कदम उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
छात्र की पृष्ठभूमि और संभावित कारण
प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि ओम पांडेय एक होनहार छात्र थे। कुछ समय पूर्व बीमारी के कारण उनके कुछ विषयों में बैकलॉग हो गया था, जिसे लेकर वह कथित तौर पर तनाव में थे।
गौरतलब है कि यह घटना इंजीनियर्स डे — 15 सितंबर — के एक दिन बाद सामने आई, जब मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि क्या शैक्षणिक दबाव इस घटना की वजह रहा।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
थाना प्रभारी उमेश गोलहानी ने कहा, 'हम उनके दोस्तों, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज कर रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। आत्महत्या के पीछे की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।'
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस छात्र की हालिया शैक्षणिक स्थिति और निजी परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।
आम जनता और छात्र समुदाय पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश में इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चिंता पहले से व्यापक है। बैकलॉग और परीक्षा का दबाव तकनीकी शिक्षा में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल एक बार फिर सामने लाता है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि जांच अभी जारी है और जब तक सभी पहलुओं की पड़ताल नहीं हो जाती, कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। JEC प्रशासन की भूमिका और छात्र को उपलब्ध कराई गई काउंसलिंग सुविधाओं की जानकारी भी जांच के दायरे में है।