16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएनबी सहारनपुर करेंसी चेस्ट नकली नोट मामले में एनआईए ने आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएनबी सहारनपुर करेंसी चेस्ट नकली नोट मामले में एनआईए ने आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया

सारांश

पीएनबी की सहारनपुर करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ के जाली नोट बरामदगी मामले में एनआईए ने दूसरे मुख्य आरोपी आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। संविदा ड्राइवर की भूमिका और बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता इस नेटवर्क की गहराई उजागर करती है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 16 सितंबर 2026 को आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया — वह पीएनबी, सहारनपुर करेंसी चेस्ट में संविदा ड्राइवर था।
29 अगस्त 2026 को सिविल लाइंस, सहारनपुर स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ के नकली नोट बरामद हुए थे।
प्रारंभिक जांच में बैंक के 3 कर्मचारियों की संलिप्तता, जिन्हें तत्काल निलंबित किया गया।
एनआईए ने 3 सितंबर 2026 को मामला री-रजिस्टर किया; 7 सितंबर 2026 को पहला आरोपी अमित कुमार गिरफ्तार हुआ था।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 178 के तहत दर्ज; एफआईआर संख्या 0431/2026 ।
शेष सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की जांच जारी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 16 सितंबर 2026 को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ के नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद होने के मामले में एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदेश चौधरी के रूप में हुई है, जो उसी करेंसी चेस्ट में संविदा आधार पर ड्राइवर के तौर पर कार्यरत था।

कौन है आरोपी आदेश चौधरी

आदेश चौधरी गंगोह रोड, न्यू नंदपुरी कॉलोनी, थाना कुतुब शेर, मानक मौ, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश का निवासी है। वह पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइंस, सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में संविदा ड्राइवर के पद पर काम करता था, जिससे मामले में उसकी भूमिका विशेष रूप से संदिग्ध मानी जा रही है।

एनआईए ने इस मामले को आरसी-02/2026/एनआईए/एलकेओ के तहत दर्ज किया है और जांच की कमान संभाली है।

मुख्य घटनाक्रम

29 अगस्त 2026 को थाना सदर बाजार, जिला सहारनपुर को पीएनबी करेंसी चेस्ट, सिविल लाइंस से ₹17.29 करोड़ के जाली नोट बरामद होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में बैंक के 3 कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

यह मामला शुरू में 29 अगस्त 2026 को थाना सदर बाजार में एफआईआर संख्या 0431/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 178 के अंतर्गत 3 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सितंबर 2026 को एनआईए ने इसे री-रजिस्टर कर अपने हाथ में ले लिया।

पहली गिरफ्तारी और अब दूसरी

इस मामले में 7 सितंबर 2026 को एनआईए ने एफआईआर में नामजद आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। अब आदेश चौधरी की गिरफ्तारी दूसरी बड़ी कार्रवाई है। यह ऐसे समय में आया है जब एजेंसी नकली करेंसी के पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के प्रयास में है।

गौरतलब है कि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की करेंसी चेस्ट — जहाँ सामान्यतः असली नोटों को सुरक्षित रखा जाता है — में इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोटों का पाया जाना देश की मुद्रा सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

एनआईए के अनुसार पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और शेष सह-आरोपियों व संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुँचे और इस साजिश में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बैंकिंग सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल है। संविदा कर्मचारी की संलिप्तता यह भी संकेत देती है कि आउटसोर्सिंग मॉडल में जवाबदेही की खामियाँ आपराधिक तत्वों के लिए दरवाज़ा खोल सकती हैं। एनआईए का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि एजेंसी इसे राज्य-स्तरीय अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मान रही है — और यही परिप्रेक्ष्य इस खबर को बैंक धोखाधड़ी से बड़ा बनाता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएनबी सहारनपुर करेंसी चेस्ट नकली नोट मामला क्या है?
29 अगस्त 2026 को पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइंस, सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ के नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद हुए थे। प्रारंभिक जांच में बैंक के 3 कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद एनआईए ने 3 सितंबर 2026 को मामला अपने हाथ में ले लिया।
आदेश चौधरी कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
आदेश चौधरी सहारनपुर के गंगोह रोड, न्यू नंदपुरी कॉलोनी का निवासी है और पीएनबी करेंसी चेस्ट में संविदा ड्राइवर के तौर पर काम करता था। एनआईए ने उसे नकली नोट मामले में मुख्य आरोपी के रूप में 16 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक इस मामले में दो प्रमुख गिरफ्तारियाँ हुई हैं — पहले 7 सितंबर 2026 को अमित कुमार और फिर 16 सितंबर 2026 को आदेश चौधरी। एनआईए के अनुसार शेष सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
यह मामला एनआईए को क्यों सौंपा गया?
नकली करेंसी का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा माना जाता है, क्योंकि इससे देश की मुद्रा व्यवस्था प्रभावित होती है। इसीलिए 3 सितंबर 2026 को एनआईए ने थाना सदर बाजार में दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर अपनी जांच शुरू की।
यह मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 178 के तहत एफआईआर संख्या 0431/2026 के रूप में दर्ज है। एनआईए ने इसे आरसी-02/2026/एनआईए/एलकेओ के तहत री-रजिस्टर किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 मिनट पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले