आगरा में सीबीआई ने पीएनबी ब्रांच मैनेजर को ₹30,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 25 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की भद्रौली शाखा, बरहन के मैनेजर को ₹30,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई में आरोपी मैनेजर को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया।
मामले का मुख्य घटनाक्रम
सीबीआई के अनुसार, एक निजी कंपनी में कार्यरत शिकायतकर्ता ने 25 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी मैनेजर 19 सोलर पैनल लोन फाइलों की प्रोसेसिंग और मंजूरी के बदले प्रति फाइल ₹7,000 की रिश्वत माँग रहा था।
बातचीत के बाद आरोपी 19 लोन फाइलों को क्लियर करने के एवज में कुल ₹52,000 की रिश्वत पर सहमत हुआ। उल्लेखनीय है कि ये सभी 19 फाइलें बैंक द्वारा पहले से ही विधिवत स्वीकृत की जा चुकी थीं — इसके बावजूद कथित तौर पर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अवैध धन की माँग की गई।
सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई
शिकायत मिलते ही सीबीआई ने तत्काल जाल बिछाया। आरोपी मैनेजर को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹30,000 माँगते और स्वीकार करते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। यह कार्रवाई 25 जून 2026 को की गई।
अदालत में पेशी और आगे की जांच
गिरफ्तार बैंक मैनेजर को शुक्रवार को गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
सीबीआई की हालिया कार्रवाइयाँ
यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई ने इससे ठीक पहले 22 जून 2026 को सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), रामगढ़, झारखंड के बरका सयाल क्षेत्र के सौंदा स्थित रीजनल स्टोर के चीफ स्टोर कीपर को भी रंगे हाथ पकड़ा था। उस मामले में आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत माँगी थी — यह रिश्वत शिकायतकर्ता की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए उसे हल्के काम सौंपकर सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी जारी रखने देने के बदले माँगी गई थी।
गौरतलब है कि सीबीआई की इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती सख्ती के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच के और पहलू सामने आने की संभावना है।