29 जुलाई 2026
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महिला समृद्धि योजना महिलाओं को लाभ नहीं, बाहर रखने की साजिश है: AAP नेता अनुराग ढांडा

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महिला समृद्धि योजना महिलाओं को लाभ नहीं, बाहर रखने की साजिश है: AAP नेता अनुराग ढांडा

सारांश

AAP नेता अनुराग ढांडा ने महिला समृद्धि योजना को महिलाओं को लाभ देने नहीं, बल्कि बाहर रखने का औज़ार बताया। BJP-RSS के बीच 'तीन बच्चे' की नीति पर विरोधाभास उजागर किया, 200 यूनिट बिजली सीमा को अव्यावहारिक करार दिया और दिल्ली के जलभराव को प्रशासनिक विफलता का सबूत बताया।

मुख्य बातें

AAP नेता अनुराग ढांडा ने 29 जुलाई 2026 को दिल्ली की BJP सरकार पर महिला समृद्धि योजना को महिलाओं को बाहर रखने का माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की तीन बच्चों वाले परिवारों को योजना से बाहर करने की नीति और RSS प्रमुख मोहन भागवत की तीन से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील में विरोधाभास उजागर किया।
सालाना 2,400 यूनिट (औसत 200 यूनिट प्रतिमाह ) बिजली खपत की शर्त को अव्यावहारिक बताया, जिससे अधिकांश दिल्ली परिवार अपात्र हो जाते हैं।
कनॉट प्लेस, अशोक विहार, उत्तर दिल्ली और कई मेट्रो स्टेशनों में जलभराव को गंभीर प्रशासनिक विफलता करार दिया।
केंद्र सरकार पर आरोप — प्रदर्शनकारियों से समझौते का उल्लेख सर्वोच्च न्यायालय में नहीं किया गया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने 29 जुलाई 2026 को दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि महिला समृद्धि योजना वास्तव में पात्र महिलाओं को लाभ देने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें योजना से बाहर रखने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने हालिया बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में हुए गंभीर जलभराव को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

महिला समृद्धि योजना पर आरोप

ढांडा ने कहा कि BJP नीति के मामले में पूरी तरह भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने एक विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यह घोषणा कर रही हैं कि जिन परिवारों में तीन या अधिक बच्चे हैं, उन्हें महिला सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत हिंदुओं से तीन से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील करते हैं। उनके अनुसार, BJP और RSS को पहले आपस में यह तय करना चाहिए कि उनकी नीति क्या है।

ढांडा ने आरोप लगाया कि योजना में जानबूझकर ऐसी शर्तें जोड़ी गई हैं जो बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को भी लाभ से वंचित कर देंगी। उन्होंने कहा, 'पिछले डेढ़ वर्ष में सरकार ने शर्तों की ऐसी सूची तैयार की है जिनका एकमात्र उद्देश्य लाभार्थियों की संख्या घटाना है।'

बिजली खपत की शर्त पर सवाल

AAP नेता ने बिजली उपभोग से जुड़ी शर्त को विशेष रूप से निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार साल भर में 2,400 यूनिट यानी औसतन 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली खर्च करता है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उनका तर्क है कि दिल्ली के अधिकांश परिवार इस सीमा के आसपास बिजली का उपयोग करते हैं, इसलिए यह शर्त व्यावहारिक रूप से योजना को निष्प्रभावी बना देती है।

राहुल गांधी विवाद और CJP के विरोध पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी से उपजे विवाद पर ढांडा ने कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक हंगामा किया जा रहा है और BJP को पहले अपनी राजनीतिक कार्यप्रणाली पर आत्ममंथन करना चाहिए।

सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा नए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी पर ढांडा ने कहा कि उनकी पार्टी इस निर्णय का समर्थन करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि प्रदर्शनकारियों से समझौता हो गया है, उनके खिलाफ नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे और पहले से दर्ज FIR वापस ली जाएंगी — लेकिन जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में आया, तो सरकार ने अदालत के समक्ष इस समझौते का उल्लेख ही नहीं किया।

दिल्ली में जलभराव: प्रशासनिक विफलता का आरोप

हालिया बारिश के बाद कनॉट प्लेस, अशोक विहार और उत्तर दिल्ली सहित कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति को लेकर ढांडा ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बसों के भीतर तक पानी भर गया, यात्रियों को सीटों पर पैर ऊपर उठाकर बैठना पड़ा और कई मेट्रो स्टेशनों में भी पानी घुस गया — यह सब गंभीर प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

ढांडा ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि केवल मिंटो ब्रिज पर पानी निकालना ही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है, तो उस क्षेत्र को अलग राज्य घोषित कर दिया जाए और प्रवेश वर्मा उसके मुख्यमंत्री बन जाएं, जबकि शेष दिल्ली की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता संभालें। यह टिप्पणी BJP सरकार की प्राथमिकताओं पर सीधा कटाक्ष है।

गौरतलब है कि दिल्ली में हर मानसून सीजन में जलभराव एक बड़ा मुद्दा बनता है और इस बार भी स्थिति नियंत्रण से बाहर दिखी। AAP की ओर से यह हमला ऐसे समय में आया है जब पार्टी विपक्ष की भूमिका में सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि महिला समृद्धि योजना की शर्तें वास्तव में कितनी महिलाओं को अपात्र बनाती हैं — इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा सामने नहीं आया है। 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली सीमा की आलोचना तथ्यात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली में गर्मियों में औसत घरेलू खपत इस सीमा को पार कर जाती है। जलभराव पर हर साल एक ही बहस दोहराई जाती है — सत्ता बदलती है, समस्या नहीं। यह सवाल जवाबदेही का है, न केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला समृद्धि योजना में क्या शर्तें हैं जो महिलाओं को अपात्र बनाती हैं?
AAP नेता अनुराग ढांडा के अनुसार, जिन परिवारों में तीन या अधिक बच्चे हैं उन्हें महिला सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, सालाना 2,400 यूनिट यानी औसतन 200 यूनिट प्रतिमाह से अधिक बिजली खपत करने वाले परिवार भी योजना से बाहर हो जाएंगे।
BJP और RSS के बीच 'तीन बच्चे' की नीति पर क्या विरोधाभास है?
ढांडा ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तीन बच्चों वाले परिवारों को योजना से बाहर कर रही हैं, जबकि RSS प्रमुख मोहन भागवत हिंदुओं से तीन से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील करते हैं। AAP का कहना है कि BJP और RSS को पहले आपस में नीति पर सहमति बनानी चाहिए।
दिल्ली में जलभराव को लेकर AAP ने क्या आरोप लगाए?
AAP नेता ढांडा ने कहा कि कनॉट प्लेस, अशोक विहार और उत्तर दिल्ली समेत कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ, बसों में पानी भरा और मेट्रो स्टेशनों तक प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं किया गया।
CJP के विरोध प्रदर्शन पर AAP का क्या रुख है?
AAP ने CJP के नए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी का समर्थन किया है। ढांडा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से समझौते का वादा किया था — नई FIR नहीं और पुरानी वापस लेने का आश्वासन — लेकिन सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान इस समझौते का उल्लेख नहीं किया गया।
महिला समृद्धि योजना और महिला सम्मान निधि में क्या अंतर है?
स्रोत सामग्री के अनुसार, महिला सम्मान निधि महिला समृद्धि योजना का एक हिस्सा प्रतीत होती है जिसके तहत नकद लाभ दिया जाना है। AAP का आरोप है कि इस योजना में लगाई गई शर्तें — जैसे बच्चों की संख्या और बिजली खपत सीमा — पात्र महिलाओं को भी व्यावहारिक रूप से बाहर कर देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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