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पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी का धरना, 70 बूथों पर YSRCP एजेंटों को रोके जाने का आरोप

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पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी का धरना, 70 बूथों पर YSRCP एजेंटों को रोके जाने का आरोप

सारांश

पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने RO कार्यालय पर धरना दिया। उनका आरोप है कि 80 में से 70 बूथों पर पार्टी एजेंटों को रोका गया, TDP ने बूथ कब्जाए और पत्रकारों को पीटा गया। यह विवाद 10 से अधिक स्थानों पर फैला बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने 1 नवंबर 2026 को पुलिवेंदुला के RO कार्यालय पर धरना दिया और पुनर्मतदान की माँग की।
आरोप है कि 80 में से 70 बूथों पर YSRCP के पोलिंग एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया या प्रवेश नहीं दिया गया।
TDP पर रविवार सुबह 4 बजे से बूथ कब्जाने, एजेंटों को पीटने और कागज फाड़ने का आरोप; पुलिस पर निष्क्रिय रहने का भी इल्जाम।
जगन के अनुसार 100 नगरपालिकाओं में से 17 में नामांकन चरण में ही YSRCP को भाग लेने से रोका गया।
विवाद पुलिवेंदुला, चित्तूर, कुप्पम सहित 10 से अधिक स्थानों पर फैला बताया जा रहा है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 1 नवंबर 2026 को पुलिवेंदुला के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालय के बाहर धरना दिया और पुनर्मतदान की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्र के 80 मतदान केंद्रों में से 70 पर YSRCP के पोलिंग एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया या अंदर प्रवेश ही नहीं करने दिया गया। जगन का यह कदम आंध्र प्रदेश के नगर निकाय चुनावों के मतदान दिवस पर आया, जब कथित तौर पर कई स्थानों पर मतदान प्रक्रिया विवादों में घिर गई।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

मीडिया को संबोधित करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि उनके पास उन 70 पोलिंग एजेंटों के दस्तावेज़ मौजूद हैं, जिन्हें संबंधित बूथों में प्रवेश से वंचित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के लोगों ने रविवार सुबह चार बजे से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया था — बूथों के बाहर और भीतर दोनों जगह।

जगन के अनुसार, कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों ने स्वयं YSRCP एजेंटों के फॉर्म ज़ब्त कर लिए और उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि TDP समर्थकों ने पोलिंग एजेंटों को पीटा, उनके कागज फाड़े और पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। पत्रकारों को भी कथित तौर पर पीटा गया और वीडियो कैमरे क्षतिग्रस्त किए गए।

व्यापक चुनावी विवाद

जगन ने पुलिवेंदुला की स्थिति को एकल घटना बताने से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिवेंदुला, खारप्पा, जम्मलमडुगु, चित्तूर, माचर्ला, चिलकलूरिपेटा, ताडिपत्री, मदनपल्ले, चेमकुर्ती और कुप्पम — इन सभी स्थानों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुईं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 100 नगरपालिकाओं में से 17 में नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही YSRCP उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोक दिया गया, और उन वार्डों में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल

जगन ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि विपक्षी दल के पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने वाला कोई नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'अगर आप स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देना चाहते, तो अपने लोगों को सीधे पदों पर नामित कर दें — इसे चुनाव क्यों कहते हैं?'

गौरतलब है कि जगन मोहन रेड्डी स्वयं पुलिवेंदुला विधानसभा क्षेत्र से हैं, जो YSRCP का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब मई 2024 के विधानसभा चुनावों में TDP गठबंधन के हाथों YSRCP की बड़ी हार के बाद पार्टी पहले से ही राजनीतिक दबाव में है।

आगे की स्थिति

जगन ने RO कार्यालय पर धरना देते हुए चुनाव अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराने की माँग की। TDP या राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव आयोग की इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें उस राजनीतिक संदर्भ में भी रखना ज़रूरी है जिसमें YSRCP मई 2024 की विधानसभा हार के बाद अपनी ज़मीन वापस पाने की कोशिश में है। पुलिवेंदुला उनका गृह क्षेत्र है — यहाँ हार या अपमान सीधे उनकी राजनीतिक छवि पर चोट है। 70 बूथों पर एजेंट न होने के दस्तावेज़ी दावे सत्यापन माँगते हैं; चुनाव आयोग की चुप्पी या सक्रियता, दोनों ही राज्य में संस्थागत तटस्थता की परीक्षा है। अगर ये आरोप आंशिक रूप से भी सही निकले, तो यह आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में जगन मोहन रेड्डी ने क्या आरोप लगाए?
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला के 80 मतदान केंद्रों में से 70 पर YSRCP के पोलिंग एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया या अंदर जाने नहीं दिया गया। उन्होंने TDP पर बूथ कब्जाने और पुलिस पर पक्षपात का भी आरोप लगाया।
जगन मोहन रेड्डी ने RO कार्यालय पर धरना क्यों दिया?
जगन ने चुनाव प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का विरोध जताने के लिए पुलिवेंदुला के रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय पर धरना दिया। उनकी प्रमुख माँग प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराने की है।
क्या यह विवाद केवल पुलिवेंदुला तक सीमित है?
नहीं। जगन के अनुसार पुलिवेंदुला के अलावा खारप्पा, जम्मलमडुगु, चित्तूर, माचर्ला, चिलकलूरिपेटा, ताडिपत्री, मदनपल्ले, चेमकुर्ती और कुप्पम में भी ऐसी ही स्थिति रही। उन्होंने कहा कि 100 नगरपालिकाओं में से 17 में YSRCP को नामांकन भरने का अवसर ही नहीं दिया गया।
TDP और राज्य सरकार की इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है?
रिपोर्टों के अनुसार, उपलब्ध जानकारी के अनुसार TDP या राज्य सरकार की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिवेंदुला चुनाव विवाद में आगे क्या हो सकता है?
जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। अब सब कुछ चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा — यदि पुनर्मतदान का आदेश दिया जाता है या शिकायत खारिज होती है, दोनों ही स्थितियाँ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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