1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेंसेक्स 1,336 अंक उछला, निफ्टी 23,053 पर बंद; दिवाली से पहले बाजार में मजबूत वापसी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेंसेक्स 1,336 अंक उछला, निफ्टी 23,053 पर बंद; दिवाली से पहले बाजार में मजबूत वापसी

सारांश

लगातार दबाव झेलने के बाद भारतीय बाजार ने दिवाली से पहले दमदार वापसी की — सेंसेक्स 1,336 अंक और निफ्टी 453 अंक चढ़े। अब असली परीक्षा अगले सप्ताह है, जब कच्चा तेल, अमेरिकी चुनाव और तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स सप्ताह में 1,335.70 अंक (1.83%) चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 453.10 अंक (2.00%) की बढ़त के साथ 23,053.10 पर बंद।
निफ्टी फार्मा सप्ताह का सबसे बड़ा विजेता — करीब 7.09% की तेजी।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए अगला प्रतिरोध 23,200 , नीचे समर्थन 22,850 और 22,400 ।
ब्रेंट क्रूड हाल ही में $117 प्रति बैरल के पार — महंगाई और FII प्रवाह पर दबाव का जोखिम।
अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव और अमेरिका-ईरान तनाव अगले सप्ताह वैश्विक बाजारों की दिशा तय करेंगे।

BSE सेंसेक्स ने 26 से 30 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सप्ताह में 1,335.70 अंक यानी 1.83 प्रतिशत की छलांग लगाकर 74,459.53 पर समापन किया, जबकि निफ्टी 50 453.10 अंक यानी 2.00 प्रतिशत चढ़कर 23,053.10 पर बंद हुआ। दिवाली से ठीक पहले आई यह रिकवरी फार्मा, आईटी और रियल्टी जैसे चुनिंदा क्षेत्रों में जोरदार खरीदारी की बदौलत संभव हुई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि तकनीकी तस्वीर बेहतर हुई है, लेकिन अगले सप्ताह वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और कॉर्पोरेट नतीजे निवेशकों की रणनीति को निर्धारित करेंगे।

साप्ताहिक प्रदर्शन: गिरावट से उबरकर हरे निशान पर

विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की थी और पहले कारोबारी दिन 22,387.35 के साप्ताहिक निचले स्तर तक फिसल गया। इस स्तर पर मजबूत खरीदारी ने सूचकांक को थामा और धीरे-धीरे तेजी बढ़ती चली गई। सप्ताह के अंत तक निफ्टी करीब 453 अंकों (2 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।

तकनीकी रूप से निफ्टी ने 200-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और दीर्घकालिक अपट्रेंड लाइन के करीब मजबूत समर्थन लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे निकट अवधि की तकनीकी संरचना पहले की तुलना में कहीं बेहतर नजर आती है।

सेक्टोरल प्रदर्शन: फार्मा सबसे आगे

निफ्टी फार्मा इस सप्ताह सबसे बड़ा लाभार्थी रहा और करीब 7.09 प्रतिशत की छलांग लगाई। इसके बाद मीडिया इंडेक्स 4.34 प्रतिशत और रियल्टी इंडेक्स 3.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहे।

मेटल, ऑटो, एफएमसीजी और PSU बैंक शेयरों में भी 2 से 3 प्रतिशत के बीच मजबूती देखी गई। हालांकि बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र की बढ़त अपेक्षाकृत सीमित रही। विश्लेषकों का मानना है कि दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों ने कई क्षेत्रों में स्टॉक-आधारित खरीदारी को समर्थन दिया।

तकनीकी स्तर: अगला प्रतिरोध 23,200, समर्थन 22,850

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निकट अवधि में 23,200 का स्तर निफ्टी के लिए सबसे अहम प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर को निर्णायक रूप से पार कर ले, तो अगला लक्ष्य 23,700 से 24,000 के बीच हो सकता है।

नीचे की ओर 22,850 पहला प्रमुख सपोर्ट है। इसके बाद 22,600 से 22,400 का क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है — यही वह जोन है जहाँ 200-वीक EMA और दीर्घकालिक ट्रेंडलाइन एकसाथ मौजूद हैं।

वैश्विक जोखिम: कच्चा तेल, अमेरिकी चुनाव और ईरान तनाव

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों को लेकर है। ब्रेंट क्रूड हाल ही में $117 प्रति बैरल के ऊपर पहुँच गया था। यदि तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, तो महंगाई और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव और अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव भी वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि वैश्विक अनिश्चितता के ऐसे दौर में भारतीय बाजार आमतौर पर उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

निवेशकों की रणनीति: 'बाय ऑन डिप्स'

बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि तकनीकी सुधार के बावजूद निफ्टी को 23,200 के ऊपर टिककर मजबूती प्रदर्शित करनी होगी — तब ही व्यापक तेजी की संभावना बनेगी। फिलहाल 'बाय ऑन डिप्स' यानी गिरावट पर चुनिंदा खरीदारी की रणनीति उचित मानी जा रही है। अगले सप्ताह कॉर्पोरेट नतीजों की बाढ़ और वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की दिशा और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उसी परिचित पैटर्न को दोहराती है — निचले स्तरों पर टेक्निकल बाउंस, जिसके पीछे टिकाऊ बुनियादी बदलाव कम और त्योहारी सेंटिमेंट अधिक होता है। ब्रेंट क्रूड का $117 के पार जाना एक गंभीर चेतावनी है: यदि तेल की कीमतें ऊँची बनी रहती हैं, तो RBI के लिए दरें नरम करने की गुंजाइश और कम होगी, और आयात बिल बढ़ने से चालू खाता घाटे पर दबाव बनेगा। निफ्टी का 23,200 के ऊपर टिके रहना ही असली कसौटी है — बिना उसके यह तेजी महज एक 'डेड कैट बाउंस' बनकर रह सकती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक चढ़े?
26 से 30 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 1,335.70 अंक (1.83%) चढ़कर 74,459.53 पर और निफ्टी 50 453.10 अंक (2.00%) बढ़कर 23,053.10 पर बंद हुआ। फार्मा, मीडिया और रियल्टी क्षेत्रों में जोरदार खरीदारी इस तेजी की मुख्य वजह रही।
अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार किन कारकों से प्रभावित होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव, अमेरिका-ईरान तनाव, ब्रेंट क्रूड की कीमतें और कॉर्पोरेट तिमाही नतीजे अगले सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें बनी रहती हैं, तो विदेशी निवेश प्रवाह और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी के लिए अभी सबसे अहम तकनीकी स्तर कौन से हैं?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 23,200 निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है। इसे पार करने पर अगला लक्ष्य 23,700 से 24,000 हो सकता है, जबकि नीचे की ओर 22,850 और फिर 22,600-22,400 का क्षेत्र प्रमुख सपोर्ट जोन है।
इस सप्ताह किस सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया?
निफ्टी फार्मा इस सप्ताह करीब 7.09% की बढ़त के साथ सबसे बड़ा विजेता रहा। इसके बाद मीडिया इंडेक्स 4.34% और रियल्टी इंडेक्स 3.77% चढ़े, जबकि मेटल, ऑटो और PSU बैंक शेयरों में भी 2 से 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
अभी निवेशकों के लिए क्या रणनीति उचित है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 'बाय ऑन डिप्स' यानी गिरावट पर चुनिंदा खरीदारी की रणनीति उचित है। निफ्टी के 23,200 के ऊपर टिके रहने पर ही व्यापक तेजी की संभावना बनेगी, अन्यथा उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले