सेंसेक्स 755 अंक उछला, 74,607 के उच्चतम स्तर पर; निफ्टी 50 ने 23,119 छुआ — IT सेक्टर में 2.3% की तेजी
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों की बदौलत शानदार तेजी के साथ खुला और दिन के कारोबार में 754.76 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,607.66 के इंट्राडे उच्चतम स्तर को छू गया। निफ्टी 50 भी 230.3 अंक यानी 1 प्रतिशत चढ़कर 23,119.25 के दिन के सर्वोच्च स्तर पर पहुँचा।
मुख्य सूचकांकों का प्रदर्शन
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,852.90 से 485 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,337.93 पर खुला और इंट्राडे में 74,607.66 की ऊँचाई छुई। निफ्टी 50 पिछले बंद 22,888.95 के मुकाबले 127 अंक यानी 0.55 प्रतिशत उछलकर 23,016.00 पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर 23,119.25 तक पहुँचा।
व्यापक बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा — निफ्टी मिडकैप 100 में 0.02 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.09 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार तस्वीर
सेक्टरों में सबसे अधिक निफ्टी IT में 2.3 प्रतिशत की तेजी आई, जो बाजार की समग्र बढ़त की मुख्य चालक रही। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी रियल्टी में भी उल्लेखनीय बढ़त देखी गई। दूसरी ओर, निफ्टी केमिकल और निफ्टी मीडिया दबाव में रहे और इन दोनों सेक्टरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
मुद्रा बाजार और कच्चा तेल
भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.78 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 94.93 पर बंद हुआ था। वैश्विक ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता नजर आया, जो आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए एक सतर्कता का संकेत है।
वैश्विक बाजारों का संदर्भ
एशियाई बाजारों में व्यापक तेजी रही, जिसमें दक्षिण कोरियाई शेयरों ने सबसे आगे बढ़त दर्ज की। वॉल स्ट्रीट पर मंगलवार रात स्वास्थ्य सेवा शेयरों में उछाल ने डॉव जोन्स और S&P 500 को सहारा दिया, हालाँकि तकनीकी शेयरों में दबाव से नैस्डैक में मामूली गिरावट रही।
गौरतलब है कि यह तेजी ऐसे समय में आई है जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद बाजार को भीतरी समर्थन दे रहा है। यह उस पृष्ठभूमि में अहम है जब दोनों देशों के बीच टैरिफ वार्ता एक निर्णायक दौर में है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावना से घरेलू बाजार को निकट अवधि में समर्थन मिल सकता है। हालाँकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब ब्रेंट क्रूड, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों के मनोबल पर दबाव बनाए हुए हैं, जिससे दीर्घकालिक सुधार की राह आसान नहीं होगी। आने वाले सत्रों में इन कारकों की दिशा तय करेगी कि यह उछाल टिकाऊ होगा या अल्पकालिक।